Saturday, March 7th, 2026

Category: Religion

हनुमानगढ़ी: जहां रामलला के दर्शन से पहले लेनी पडती है हनुमान जी की आज्ञा

अयोध्या को भगवान राम की नगरी कहा जाता है. ये मान्‍यता है कि यहां हनुमान जी सदैव वास करते हैं. इसलिए अयोध्‍या आकर भगवान राम के दर्शन से पहले भक्‍त हनुमान जी के दर्शन...

कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ चलेगा ‘क्लीन द हिमालया’ अभियान

नैनीतालः ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ-साथ हिमालय को साफ करने का अभियान भी चलाया जाएगा। कैलाश यात्रा पर जाने वाले हिमालय दूत ‘क्लीन द हिमालया’ अभियान चलायेंगे। इस अभियान के तहत हिमालय में बिखरी...

भारत समूह धर्मो का गुलदस्ता है, इसे बिखरने नहीं देगें : शाही इमाम पंजाब

 ईद-उल-फितर के मौके पर लुधियाना जामा मस्जिद में हजारों मुसलमानों ने नमाज अदा की लुधियाना:  ईद का दिन नफरतों को मुहब्बत में बदलने का संदेश देता है। जो फिरकापरस्त ताकतें देश में नफरत की...

Eid 2018: नहीं दिखा चांद, अब शनिवार को मनाई जाएगी ईद

आज देश में कहीं भी चांद नजर नहीं आया, चांद के नजर न आने की वजह से अब ईद शनिवार को मनाई जाएगी. जामा मस्जिद की मरकजी रुयते हिलाल कमेटी की बैठक के बाद...

यात्रा व तीर्थ एक साथ: द्वारिकाधीश के अलावा इन मंदिरों के भी दर्शन करें

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका के प्रति हिंदू धर्म में भक्तों की गहरी आस्था है। ऐसी मान्यता है कि मथुरा छोड़ने के बाद भगवान कृष्ण ने इसे अपने हाथों से इसे बसाया था। इस कारण...

लाखों मुस्लमानों ने अदा की अलविदा जुम्मे की नमाज

रमजान शरीफ का महीना अल्लाह ताआला से इश्क और मोहब्बत का महीना : शाही इमाम पंजाब लुधियाना : आज पवित्र रमजान शरीफ के अलविदा जुम्मा के मौके पर फील्डगंज चौंक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में...

इस मंदिर में हुआ था शिव-पार्वती का विवाह

उत्तराखंड: रुद्रप्रयाग में स्थित ‘त्रियुगी नारायण’ एक पवित्र जगह है, माना जाता है कि सतयुग में जब भगवान शिव ने माता पार्वती से विवाह किया था तब यह ‘हिमवत’ की राजधानी था. इस जगह पर...

वडकुनाथन: भगवान शिव के त्रिशूल पर बसा मंदिर

वडकुनाथन मंदिर केरल में है। वडकुनाथन मलयाली भाषा का शब्द है। वडकुनाथन मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह मंदिर त्रिशूर में है। पौराणिक मान्यता के अनुसार त्रिशूर शहर भगवान शिव के त्रिशूल पर बसा...

शुक्रवार को करें कामख्‍या सिंदूर की पूजा; मिलेगा सौभाग्‍य और मनोकामना पूर्ती का वरदान

विवाहिताओं के लिए देवी कामाख्या के सिंदूर का अतिविशिष्ट महत्व है. इसे बोलचाल की भाषा में कमिया सिंदूर भी कहा गया है, जो कामरुप कामाख्या क्षेत्र में ही पाया जाता है. इसे आसानी से...

इस झील में आज भी दिखाई देते है भगवान शिव के शेषनाग!

भारत में एक ऐसी झील स्थित है, जिसके बारे में सुन कर आपको बहुत हैरानी होगी। यह झील जम्मू और कश्मीर में अमरनाथ गुफा के समीप स्थित है। पहलगाम से इसकी दूरी करीब 32 किमी....