मुंबई: 1 जून दूध का सेवन हर किसी की सेहत के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। खासतौर पर बच्चों की अच्छी ग्रोथ के लिए दूध अहम भूमिका निभाता है। लेकिन आजकल बाजार में मिलावटी दूध भी आसानी से मिल जाता है। जिसका सेवन बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसे में आप कुछ तरीकों से शुद्ध दूध की पहचान कर अपने बच्चों को मिलावटी दूध (सिंथेटिक दूध) के जहर से बचा सकते हैं।
प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर दूध पीने से बच्चों के शरीर में कई पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है। लेकिन बाजार में दूध की बढ़ती मांग को देखते हुए कई लोग मिलावटी दूध भी बेचने लगते हैं. जिसके सेवन से बच्चों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। तो आइए हम आपको दूध की पहचान के कुछ टिप्स बताते हैं, जिन्हें फॉलो करके आप शुद्ध और मिलावटी दूध में आसानी से फर्क कर सकते हैं।
गंध से पहचानें
सिंथेटिक दूध की महक और स्वाद असली दूध से कहीं ज्यादा खराब होता है। मिलावटी दूध सूंघने पर साबुन की गंध आती है। दूध को अपनी उंगलियों पर मलें। इसके बाद अगर झाग बनता है तो समझा जा सकता है कि दूध में मिलावट है.
स्लिप टेस्ट
दूध में मिलावट का पता लगाने का सबसे आसान तरीका स्लिप टेस्ट है। इसके लिए दूध की कुछ बूंदों को किसी चिकनी या पॉलिश की हुई सतह पर लगाएं। ऐसे में असली दूध की एक बूंद बहेगी और अपने पीछे निशान छोड़ जाएगी। दूसरी ओर सिंथेटिक दूध की एक बूंद से कोई निशान नहीं बनेगा।
खावा बनाकर चैक कीजिये
दूध की शुद्धता जानने के लिए आप इससे ख्वा बना सकते हैं. इसके लिए दूध को 2-3 घंटे के लिए गैस पर रख दीजिए और धीमी आंच पर उबाल लीजिए. इससे कच्चा दूध एकदम सॉफ्ट हो जाएगा। वहीं अगर दूध में मिलावट हो जाए तो दही काफी गाढ़ा हो जाता है.
लिटमस पेपर का प्रयोग करें
दूध में मिलावट की जांच के लिए आप केमिकल टेस्ट कर सकते हैं। सिंथेटिक दूध का स्वाद अच्छा बनाने के लिए अक्सर यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में दूध में केमिकल की जांच के लिए दूध में आधा चम्मच सोयाबीन पाउडर मिलाएं। अब इस मिश्रण में लिटमस पेपर डालें। अगर कुछ देर बाद कागज का रंग लाल या नीला हो जाए तो समझ लें कि आपका दूध मिलावटी है।
