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	<title>News Bureau news &#8211; Bless TV</title>
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	<title>News Bureau news &#8211; Bless TV</title>
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		<title>श्री पटना साहिब: सिख धर्म का दूसरा प्रमुख तख्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:52:24 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[सिख इतिहास में पटना साहिब (बिहार) का खास महत्व है. सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह का जन्म यहीं 22 दिसंबर, 1666 को हुआ था. सिख धर्म के पांच प्रमुख तख्तों में दूसरा तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब हैं. सिखों के दसवें गुरु का न केवल यहां जन्म हुआ था, बल्कि उनका बचपन भी...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>सिख इतिहास में पटना साहिब (बिहार) का खास महत्व है. सिखों के दसवें गुरु, गुरु गोविंद सिंह का जन्म यहीं 22 दिसंबर, 1666 को हुआ था. सिख धर्म के पांच प्रमुख तख्तों में दूसरा तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब हैं.</p>
<p>सिखों के दसवें गुरु का न केवल यहां जन्म हुआ था, बल्कि उनका बचपन भी यहीं गुजरा था. यही नहीं सिखों के तीन गुरुओं के चरण इस धरती पर पड़े हैं. हरिमंदिर साहिब गुरु गोविंद सिंह की याद में बनाया गया है, जहां उनके कई स्मृति चिह्न आज भी श्रद्धालुओं के आस्था से जुड़े हैं.</p>
<p>भारत में कई ऐतिहासिक गुरुद्वारे की तरह, श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब का निर्माण भी महाराजा रणजीत सिंह द्वारा करवाया गया है.</p>
<p>जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह बताते हैं कि हरिमंदिर साहिब पटना सिटी में चौक के पास झाउगंज मुहल्ले में स्थित है. कभी ये इलाका कूचा फरूख खान के नाम से जाना जाता था. अब इसे हरमंदिर गली के रूप में जाना जाता है. इसके आसपास तंग गलियों में व्यस्त बाजार है.</p>
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<div id="mainPlayerDiv-364482_1" class="zg-mainContainer">जिस समय गुरु महाराज का जन्म वर्तमान के तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब में हुआ था, उस समय पिता व नवम गुरु तेग बहादुर जी गुरु मिशन की प्रचार के लिए धुबड़ी असम की यात्रा पर गए थे.</div>
</div>
</div>
<p>श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने अपनी रचना &#8216;दशमग्रंथ&#8217; में लिखा है, &#8216;तही प्रकाश हमारा भयो, पटना शहर बिखै भव लयो&#8217;।</p>
<p>पटना हरिमंदिर साहिब में आज भी गुरु गोविंद सिंह की वह छोटी पाण है, जो बचपन में वे धारण करते थे. इसके अलावे आने वाले श्रद्धालु उस लोहे की छोटी चकरी को, जिसे गुरु बचपन में अपने केशों में धारण करते थे तथा छोटा बघनख खंजर, जो कमर-कसा में धारण करते थे, को देखना नहीं भूलते.</p>
<p>गुरु तेग बहादुर जी महाराज जिस संदल लकड़ी के खड़ाऊं पहना करते थे, उसे भी यहां रखा गया है, जो श्रद्धालुओं की श्रद्धा से जुड़ा है.</p>
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		<title>जानें, कौन से स्थान हैं शिव जी को सबसे प्रिय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:47:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bless]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[bhagwan shiv]]></category>
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					<description><![CDATA[वाराणसी को शिव की अत्यंत प्रिय नगरियों में से एक माना जाता है. यह उत्तर प्रदेश में स्थित है, और अपने घाटों के लिए विख्यात है. माना जाता है कि यह शिव के त्रिशूल पर विद्यमान है. भगवान शिव का अति महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग &#8220;श्री कशीविश्वनाथ&#8221; भी यहीं स्थापित है. अगर जीवन में उच्च पद प्राप्त...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>वाराणसी को शिव की अत्यंत प्रिय नगरियों में से एक माना जाता है. यह उत्तर प्रदेश में स्थित है, और अपने घाटों के लिए विख्यात है. माना जाता है कि यह शिव के त्रिशूल पर विद्यमान है. भगवान शिव का अति महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग &#8220;श्री कशीविश्वनाथ&#8221; भी यहीं स्थापित है. अगर जीवन में उच्च पद प्राप्त करना हो या सफलता चाहिए हो तो वाराणसी जाना चाहिए. काशी में गंगा स्नान करके, विश्वनाथ मंदिर में जाकर दर्शन करना चाहिए. काशी में निवास करने और शिव जी की उपासना करने से मुक्ति मोक्ष तक का वरदान मिलता है.</p>
<p><b>उज्जैन</b></p>
<p>&#8211; भारत की प्राचीन सात नगरियों में से एक प्रमुख नगरी है &#8211; उज्जैन.</p>
<p>&#8211; शिव जी का अत्यंत शक्तिशाली ज्योतिर्लिंग &#8220;महाकालेश्वर&#8221; यहीं स्थापित है.</p>
<p>&#8211; यह ज्योतिर्लिंग दक्षिणमुखी है जो अपने आप में एक दुर्लभ बात है.</p>
<p>&#8211; उज्जैन में शिवलिंग की भस्म आरती का विशेष महत्व है.</p>
<p>&#8211; उज्जैन जाकर शिव जी का दर्शन करने से आयु रक्षा होती है तथा स्वास्थ्य उत्तम होता है.</p>
<p>&#8211; उज्जैन में ही मंगलनाथ का दर्शन करके शिव पूजन करने से मंगल दोष का नाश होता है.</p>
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<div>
<p><b>सौराष्ट्र</b></p>
<p>&#8211; भगवान शिव का पहला और अति प्राचीन शिवलिंग &#8220;सोमनाथ&#8221; यहीं स्थापित है.</p>
<p>&#8211; सौराष्ट्र में ही प्रभास क्षेत्र है , जहाँ श्रीकृष्ण ने शरीर त्याग किया था.</p>
<p>&#8211; सोमनाथ के ज्योतिर्लिंग की स्थापना चन्द्र देव ने की थी.</p>
<p>&#8211; यहीं पर शिव जी की कृपा से उन्हें शाप और पीड़ा से मुक्ति मिली थी.</p>
<p>&#8211; अगर जीवन में चन्द्रमा सम्बन्धी कोई समस्या है या किसी प्रकार का कोई श्राप या दोष है, तो सौराष्ट्र में सोमनाथ का विधिवत पूजन अर्चन करना चाहिए.</p>
</div>
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		<title>हनुमानगढ़ी: जहां रामलला के दर्शन से पहले लेनी पडती है हनुमान जी की आज्ञा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:46:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bless]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[Ayodhya]]></category>
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		<category><![CDATA[Hanuman Garhi Mandir]]></category>
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					<description><![CDATA[अयोध्या को भगवान राम की नगरी कहा जाता है. ये मान्&#x200d;यता है कि यहां हनुमान जी सदैव वास करते हैं. इसलिए अयोध्&#x200d;या आकर भगवान राम के दर्शन से पहले भक्&#x200d;त हनुमान जी के दर्शन करते हैं. कहां है ये मंदिर  हनुमान गढ़ी, श्री हनुमान के मुख्य मंदिरो में से एक है. ये उत्तर प्रदेश की...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>अयोध्या को भगवान राम की नगरी कहा जाता है. ये मान्&#x200d;यता है कि यहां हनुमान जी सदैव वास करते हैं. इसलिए अयोध्&#x200d;या आकर भगवान राम के दर्शन से पहले भक्&#x200d;त हनुमान जी के दर्शन करते हैं.</p>
<p><b>कहां है ये मंदिर </b><br />
हनुमान गढ़ी, श्री हनुमान के मुख्य मंदिरो में से एक है. ये उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 100 किमी दूर सीतापुर जिले में अयोध्या के पास है. यहां हनुमान जी की मूर्ती बलिष्ठ और लाल रंग में है.</p>
<p><b>क्&#x200d;यों भक्&#x200d;त पहले हनुमानगढ़ी जाते हैं </b><br />
मान्यता है कि भगवान राम जब लंका जीतकर अयोध्या लौटे, तो उन्होंने अपने प्रिय भक्त हनुमान को रहने के लिए यही स्थान दिया. साथ ही यह अधिकार भी दिया कि जो भी भक्त यहां दर्शन के लिए अयोध्या आएगा, उसे पहले हनुमान का दर्शन-पूजन करना होगा.</p>
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<div id="mainPlayerDiv-364482_1" class="zg-mainContainer"><b>कैसा है ये मंदिर </b></div>
<div class="zg-mainContainer">76 सीढ़ियों का सफर तय करने पर यहां भक्त पवनपुत्र के सबसे छोटे रूप के दर्शन करते हैं. ये हनुमान टीला है, जो हनुमानगढ़ी के नाम से प्रसिद्ध है. यहां पवनपुत्र हनुमान की 6 इंच की प्रतिमा है, जो हमेशा फूल-मालाओं से सुशोभित रहती है. हनुमान चालीसा की चौपाइयां मंदिर की दीवारों पर सुशोभित हैं.</div>
</div>
</div>
<p><b>क्&#x200d;यों खास है ये मंदिर </b><br />
इस मंदिर में दक्षिण मुखी हनुमान जी हैं. मान्&#x200d;यता है कि यहां दर्शन करने और हनुमान जी को लाल चोला चढ़ाने से ग्रह शांत हो जाते हैं, जीवन में सफलता और समृद्धि मिलती है. यह हनुमान जी का सिद्ध पीठ है.</p>
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		<item>
		<title>गर्मी में पहनें फ्लोरल प्रिंट वाले कपड़े, दिखेंगी स्मार्ट!</title>
		<link>https://blesstvlive.com/summer-floral-print/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:40:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Fashion]]></category>
		<category><![CDATA[fashion]]></category>
		<category><![CDATA[floral print clothes]]></category>
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					<description><![CDATA[गर्मियों में अपने वार्डरोब में फ्लोरल (फूलों के प्रिंट) ड्रेस जरूर शामिल करें. आजकल ये काफी चलन में हैं. इन्हें अन्य फैशनेबल कपड़ों के साथ मिक्स करके भी पहना जा सकता है, लेकिन इनका सही संयोजन करना बेहद जरूरी है. फ्लोरल प्रिंट के लिए हल्के रंग की पृष्ठभूमि वाले कपड़े का चयन करें. जिससे फ्लोरल...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गर्मियों में अपने वार्डरोब में फ्लोरल (फूलों के प्रिंट) ड्रेस जरूर शामिल करें. आजकल ये काफी चलन में हैं. इन्हें अन्य फैशनेबल कपड़ों के साथ मिक्स करके भी पहना जा सकता है, लेकिन इनका सही संयोजन करना बेहद जरूरी है.</p>
<p>फ्लोरल प्रिंट के लिए हल्के रंग की पृष्ठभूमि वाले कपड़े का चयन करें. जिससे फ्लोरल प्रिंट को उभार मिलता है, आपको एक स्मार्ट लुक मिलता है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ चलेगा ‘क्लीन द हिमालया’ अभियान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:40:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bless]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
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					<description><![CDATA[नैनीतालः ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ-साथ हिमालय को साफ करने का अभियान भी चलाया जाएगा। कैलाश यात्रा पर जाने वाले हिमालय दूत ‘क्लीन द हिमालया’ अभियान चलायेंगे। इस अभियान के तहत हिमालय में बिखरी गंदगी को समेटा जाएगा और उसे एकत्र कर लाया जाएगा। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले पौनी पोटर्स हिमालय दूतों का...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>नैनीतालः </strong>ऐतिहासिक कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ-साथ हिमालय को साफ करने का अभियान भी चलाया जाएगा। कैलाश यात्रा पर जाने वाले हिमालय दूत ‘क्लीन द हिमालया’ अभियान चलायेंगे। इस अभियान के तहत हिमालय में बिखरी गंदगी को समेटा जाएगा और उसे एकत्र कर लाया जाएगा।</p>
<p>कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले पौनी पोटर्स हिमालय दूतों का समूह इस अभिनव पहल को अंजाम देगा। यह समूह कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ पवित्र हिमालय की सेवा भी करेंगे। पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी सी रविशंकर ने इन हिमालय दूतों को बुधवार को अपने मिशन पर रवाना किया है। उन्होंने इस दौरान हिमालय को प्रदूषण एवं पॉलीथीन मुक्त करने की शपथ भी दिलाई।</p>
<p>इन हिमालय दूतों को निगम की ओर से जहां परिचय पत्र आवंटित किये गये हैं वहीं गूंज संस्था की ओर से स्नो बूट, कूड़ा लाने के लिये बैग एवं अन्य सामान उपलब्ध कराया गया है। इन हिमालय दूतों को कैलाश यात्रा के बेस कैम्प धारचूला से कल रवाना किया गया।</p>
<p>उत्तराखंड पौनी एवं पोटर्स संगठन एवं सोसाइटी फार एक्शन इन हिमालया के बैनर तले हुए एक सादे कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने इन हिमालय दूतों को रवाना किया।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गर्मी के मौसम में नहीं खानी चाहिए ये चीजें</title>
		<link>https://blesstvlive.com/garmi-k-mausam-me-nahi-khani-chahiye-ye-chize/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:40:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Food]]></category>
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					<description><![CDATA[गर्मी का मौसम में अगर सेहत का ध्यान ना रखा जाए तो कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए. गर्मी के मौसम में अगर आप सजग होकर भोजन नहीं करेंगे तो आपको ना केवल पेट से जुड़ी बल्कि फूड पॉइजनिंग जैसी...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>गर्मी का मौसम में अगर सेहत का ध्यान ना रखा जाए तो कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इस मौसम में खान-पान का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए.</p>
<p>गर्मी के मौसम में अगर आप सजग होकर भोजन नहीं करेंगे तो आपको ना केवल पेट से जुड़ी बल्कि फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर समस्या भी हो सकती है. आइए जानते हैं वो चीजें जो गर्मी के मौसम में आपको नही खानी चाहिए.</p>
<p>तला-भूना: गर्मी के मौसम में तले-भुने खाद्य पदार्थ से दूर रहें. ज्यादा मसाले और तले-भुने खाद्य पदार्थों के सेवन से आपके शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ जाता है जिससे आप बीमार पड़ सकते हैं.</p>
<p>मांस मछली: गर्मी के मौसम में मांस-मछली खाने से परहेज करना चाहिए इसकी वजह से आपके शरीर से ज्यादा पसीना निकलने लगता है और आपका पाचन तंत्र भी बिगड़ जाता है. इसलिए गर्मी के मौसम में मांस का सेवन कम करें.</p>
<p>जंक फूड-एक बार का जंक फूड भी आपके लिए महंगे का सौदा साबित हो सकता है. यह कम से कम 2000 कैलोरी जोड़ता है. जबकि इतनी कैलोरी पूरे दिन में लेने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा जंक फूड्स में बैड फैट्स ज्यादा और पोषक तत्व बहुत कम होते हैं.</p>
<p>अंडे- गर्मी के मौसम में अंडे खाने से बचें. अंडे के सेवन से इस मौमस में  Salmonella इंफेक्शन का खतरा हो जाता है. इससे आप बीमार पड़ सकते हैं.</p>
<p>बासी खाना- इस मौसम में बासी खाने से भी बचना चाहिए. बचा हुआ खाना 40 डिग्री से अधिक तापमान में रहने की वजह से रिएक्शन करके जहरीला हो सकता है इसलिए ताजा खाना ही खाएं.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत समूह धर्मो का गुलदस्ता है, इसे बिखरने नहीं देगें : शाही इमाम पंजाब</title>
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		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:39:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bless]]></category>
		<category><![CDATA[Muslim]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[bless]]></category>
		<category><![CDATA[bless tv]]></category>
		<category><![CDATA[EID]]></category>
		<category><![CDATA[namaz]]></category>
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					<description><![CDATA[ ईद-उल-फितर के मौके पर लुधियाना जामा मस्जिद में हजारों मुसलमानों ने नमाज अदा की लुधियाना:  ईद का दिन नफरतों को मुहब्बत में बदलने का संदेश देता है। जो फिरकापरस्त ताकतें देश में नफरत की राजनीति करना चाहती हैं, उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह बात आज यहां पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना में...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong> ईद-उल-फितर के मौके पर लुधियाना जामा मस्जिद में हजारों मुसलमानों ने नमाज अदा की</strong></h1>
<div>लुधियाना:  ईद का दिन नफरतों को मुहब्बत में बदलने का संदेश देता है। जो फिरकापरस्त ताकतें देश में नफरत की राजनीति करना चाहती हैं, उन्हें मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। यह बात आज यहां पंजाब के दीनी मरकज जामा मस्जिद लुधियाना में ईद उल फितर के मौके पर आयोजित राज्य स्तरीय समागम के दौरान हजारों मुसलमानों को संबोधित करते हुए शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कही। शाही इमाम ने कहा कि आज का दिन रोजा रखने वालों के लिए अल्लाह तआला की तरफ  से ईनाम है। उन्होंने कहा कि हम दुआ करते हैं कि आज का दिन दुनिया भर के लोगों के लिए अमन का संदेश लेकर आए। उन्होंने कहा कि देश की जनता की शक्ल में रह रहे करोड़ों हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, दलित आदि एक गुलदस्ता है और इस गुलदस्ते को किसी कीमत पर बिखरने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जामा</div>
<div>मस्जिद लुधियाना से हमेशा आपसी भाई-चारे का संदेश दिया गया है, जिसकी मिसाल आज ईद के पवित्र मौके पर यहां मौजूद सभी धर्मों के धार्मिक तथा राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की मौजूदगी है। मौलाना हबीब-उर-रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि इतिहास इस बात का गवाह है कि अंग्रेजों के खिलाफ देश की आजादी के लिए लड़ी गई जंग से लेकर आज तक मुसलमानों ने अपने देश के लिए बेशुमार कुर्बानियां दी हैं जिन्हें नजरांदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि आज मैं ईद के इस मुबारक मौके पर जहां पंजाब के सभी लोगों को मुबारकबाद देता हूं वहीं अल्लाह से दुआ करता हूं कि आज का दिन इस देश और हमारे राज्य के लिए रहमत और बरकत का पैगाम लेकर आए।</div>
<div> विधायक राकेश पांडे ने मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा ईद का दिन हर एक भारतीय के लिए खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का एक मात्र ऐसा देश है जहां हर एक धर्म का त्योहार सभी लोग आपस में मिल जुल कर मनाते हैं। श्री पांडे ने कहा कि शाही इमाम साहिब ने हमेशा ही पंजाब में अमन और खुशहाली के लिए काम किया है। उन्होंने कहा कि मैं पंजाब सरकार की ओर से अपने तमाम मुसलमान भाईयों को ईद की मुबारकबाद देता हूं।</div>
<div></div>
<div>
<figure id="attachment_856" aria-describedby="caption-attachment-856" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-856" src="http://blesstvlive.com/storage/2018/06/m2-300x169.jpg" alt="" width="300" height="169" /><figcaption id="caption-attachment-856" class="wp-caption-text">ईद की नमाज़ अदा करते हुए मुस्लिम भाईचारे के लोग.</figcaption></figure>
<p>विधायक सुरिन्द्र डाबर ने मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि आज का दिन हम सबके लिए बड़ी खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि लुधियाना शहर में सभी धर्मों के लोगों का एक गुलदस्ता है। इसके सभी फूल अपनी खुशबू के साथ माहौल को खुशगवार बना कर रखते हैं। उन्होंने कहा कि लुधियाना की यह इतिहासिक जामा मस्जिद जहां मुसलमानों का मुख्य धार्मिक केन्द्र है, वहीं यह तमाम धर्मों के लोगों के लिए अमन और मुहब्बत की निशानी है।</p>
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<div>इस मौके पर मुसलमानों को ईद की मुबारकबाद देते हुए लुधियाना से जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुरप्रीत गोगी ने कहा कि ईद का दिन सिर्फ  मुसलमान भाईयों के लिए ही नहीं बल्कि सभी भारतीयों के लिए खुशी का दिन है। गोगी ने कहा कि मैं दुआ करता हूं कि यह खुशियों भरी रीत हमेशा ऐसे ही चलती रहे।</div>
<div>इस मौके पर अकाली दल शहरी के अध्यक्ष व पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों ने मुसलमान भाइयों को ईद की मुबारकबाद देते हुए कहा कि इस तपती हुई गर्मी में पूरा महीना मुसलमान रोजा रखता है और अपने खुदा की इबादत करता है, जिसके बदले में अल्लाह तआला अपने बंदों को ईद का पवित्र त्योहार तोहफे के तौर पर देता है। उन्होंने कहा कि आज के दिन हर मुसलमान अपने सारे गिले शिकवे भूल कर एक दूसरे को गले लगाता है।</div>
<div>मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद देते हुए पूर्व जेल मंत्री जत्थे. हीरा सिंह गाबडिय़ा ने कहा कि हमें इस बात पर गर्व महसूस होता है कि भारत विश्व का एकमात्र धर्म निरपेक्ष देश है जहां सभी धर्मों के लोग आपस में मिलजुल कर हर त्योहार को बहुत खुशी से मनाते हैं। इस मौके पर हीरा सिंह गाबडिय़ा ने ऐलान किया कि आने वाली 24 जून को गुरुद्वारा फेरुमान में विशेष सम्मान किया जाएगा।</div>
<div>इस मौके पर जामा मस्जिद लुधियाना में अपने मुस्लिम भाईयों को ईद की मुबारकबाद देने के लिए गुरद्वारा दुख निवारण साहिब के अध्यक्ष प्रितपाल सिंह, दुष्यंत पांडे, पूर्व मेयर हरचरण सिंह गोहलवडिय़ा, गुलाम हसन कैसर, पार्षद परमिंदर मेहता, नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवी, हरभजन सिंह सोहल, सीनियर अकाली नेता बलजीत सिंह बिंद्रा, शरणजीत मिड्डा, सीनियर कांग्रेसी नेता अशोक गुप्ता,पार्षद गुरप्रीत सिंह गोपी व शाही इमाम के मुख्य सचिव मुहम्मद मुसतकीम अहरारी विशेष रूप से उपस्थित थे।</div>
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		<title>Eid 2018: नहीं दिखा चांद, अब शनिवार को मनाई जाएगी ईद</title>
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		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:37:57 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आज देश में कहीं भी चांद नजर नहीं आया, चांद के नजर न आने की वजह से अब ईद शनिवार को मनाई जाएगी. जामा मस्जिद की मरकजी रुयते हिलाल कमेटी की बैठक के बाद यह घोषणा की गई. कमेटी ने घोषणा की कि देश में कहीं भी आज चांद नजर नहीं आया. ऐसे में कल...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज देश में कहीं भी चांद नजर नहीं आया, चांद के नजर न आने की वजह से अब ईद शनिवार को मनाई जाएगी.</p>
<p>जामा मस्जिद की मरकजी रुयते हिलाल कमेटी की बैठक के बाद यह घोषणा की गई. कमेटी ने घोषणा की कि देश में कहीं भी आज चांद नजर नहीं आया. ऐसे में कल यानी कि शुक्रवार को ईद नहीं मनाई जाएगी.</p>
<p>देश के किसी भी हिस्से में आज चांद नहीं दिखा, इसलिए अब ईद शनिवार को होगी. इस बार के रमजान का आखिरी रोजा शुक्रवार को होगा.</p>
<p>इस्लामी कैलेंडर के तहत रमजान का महीना पूरा होने पर ही ईद मनाई जाती है.</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>यात्रा व तीर्थ एक साथ: द्वारिकाधीश के अलावा इन मंदिरों के भी दर्शन करें</title>
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		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:36:48 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका के प्रति हिंदू धर्म में भक्तों की गहरी आस्था है। ऐसी मान्यता है कि मथुरा छोड़ने के बाद भगवान कृष्ण ने इसे अपने हाथों से इसे बसाया था। इस कारण से इसकी गिनती प्रसिद्ध तीर्थों में होती है। भगवान शिव, श्रीकृष्ण व आदि शक्ति अंबाजी के कारण गुजरात राज्य देश-दुनिया के...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका के प्रति हिंदू धर्म में भक्तों की गहरी आस्था है। ऐसी मान्यता है कि मथुरा छोड़ने के बाद भगवान कृष्ण ने इसे अपने हाथों से इसे बसाया था। इस कारण से इसकी गिनती प्रसिद्ध तीर्थों में होती है। भगवान शिव, श्रीकृष्ण व आदि शक्ति अंबाजी के कारण गुजरात राज्य देश-दुनिया के सबसे दर्शनीय व धार्मिक पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। इसलिए अगर इन छुट्टियों में आप गुजरात जाने का मन बना रहे हैं तो इन प्रमुख मंदिरों के दर्शन का लाभ भी उठाना न भूलें…</p>
<p>गुजरात के अहमदाबाद शहर से लगभग 380 कि.मी. की दूरी पर बसे द्वारका की चार धामों में गिनती होती है। इस मंदिर में चार दिशाओं में द्वार है, जिसमें उत्तर-दक्षिण द्वार को मोक्ष व स्वर्ग का प्रतीक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि सदियों पहले जहां भगवान हरि का वास था, ठीक उसी जगह द्वारकाधीश मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर में वास्तुकला की अद्भुत छाप देखने के लिए मिलती है, जिसे 16वीं शताब्दी के आसपास का बताया जाता है। यह मंदिर सात मंजिला है, जिसके शिखर पर 84 फुट लंबी ध्वजा लहराती है। यहां भगवान कृष्ण चांदी के सिंहासन पर विराजमान हैं और उनके हाथों में शंख, चक्र, गदा और कमल विद्यमान हैं। यह भगवान श्री कृष्ण के सबसे प्राचीनतम मंदिरों में सबसे प्रमुख है। समुद्र के किनारे बसे इस मंदिर में आकर भक्तों को अलौकिक सुख की अनुभूति होती है।</p>
<figure id="attachment_883" aria-describedby="caption-attachment-883" style="width: 960px" class="wp-caption aligncenter"><img decoding="async" class="wp-image-883 size-full" src="https://blesstvlive.com/storage/2018/06/dvarka-1.jpg" alt="" width="960" height="540" srcset="https://blesstvlive.com/storage/2018/06/dvarka-1.jpg 960w, https://blesstvlive.com/storage/2018/06/dvarka-1-300x169.jpg 300w, https://blesstvlive.com/storage/2018/06/dvarka-1-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 960px) 100vw, 960px" /><figcaption id="caption-attachment-883" class="wp-caption-text">द्वारकाधीश मंदिर</figcaption></figure>
<p>शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव के 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक सोमनाथ ज्योतिर्लिंग को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। भारत के पश्चिमी तट पर बने सोमनाथ मंदिर में ऐसी मान्यता है कि चंद्र देव ने भगवान शिव की घोर तपस्या की थी ताकि उन्हें महाराज दक्ष के श्राप से मुक्ति मिल जाए। इसके अलावा शिवपुराण के अनुसार, सोमनाथ सबसे पहला ज्योतिर्लिंग भी माना जाता है। समुद्र किनारे बसे इस मंदिर में रोजाना हजारों पर्यटक देश-दुनिया से दर्शन के लिए पहुंचते हैं।</p>
<figure id="attachment_884" aria-describedby="caption-attachment-884" style="width: 960px" class="wp-caption aligncenter"><img decoding="async" class="wp-image-884 size-full" src="https://blesstvlive.com/storage/2018/06/somnath-mandir-1.jpg" alt="" width="960" height="540" srcset="https://blesstvlive.com/storage/2018/06/somnath-mandir-1.jpg 960w, https://blesstvlive.com/storage/2018/06/somnath-mandir-1-300x169.jpg 300w, https://blesstvlive.com/storage/2018/06/somnath-mandir-1-768x432.jpg 768w" sizes="(max-width: 960px) 100vw, 960px" /><figcaption id="caption-attachment-884" class="wp-caption-text">सोमनाथ मंदिर</figcaption></figure>
<p>अक्षरधाम मंदिर, गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्थित है। यह मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय का प्रतीक है। इसके भव्य रूप के कारण यह पर्यटकों में खासा लोकप्रिय है। इस मंदिर को भक्ति और शिल्प-कला का बेजोड़ नमूना कहना गलत नहीं होगा। यहां भगवान स्वामीनारायण की मूर्ति के भी दर्शन होते हैं। यहां के सुंदर बाग-बगीचे व फव्वारे यहां की प्राकृतिक छटा को और अधिक बढ़ा देते हैं। इसके अलावा मंदिर परिसर में नीलकंठ और सहजानंद हॉल, मिस्टिक इंडिया प्रदर्शनी जैसे अन्य पर्यटकों के लिए आकर्षण केन्द्र भी हैं। इसकी की प्रतिमूर्ति के दर्शन आप दिल्ली स्थित अक्षरधाम मंदिर में भी कर सकते हैं।</p>
<figure id="attachment_885" aria-describedby="caption-attachment-885" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-885" src="http://blesstvlive.com/storage/2018/06/akshra-dham-300x169.jpg" alt="" width="300" height="169" /><figcaption id="caption-attachment-885" class="wp-caption-text">अक्षरधाम मंदिर</figcaption></figure>
<p>गुजरात का प्रसिद्ध पालीताना जैन धर्म मंदिर, शत्रुंजय नदी के तट पर बना हुआ है। दरअसल यह शत्रुंजय पर्वत की तलहटी में स्थित है। इस मंदिर की खासियत है कि यहां 900 से भी अधिक जैन मंदिरों के दर्शन करने का सुख आपको प्राप्त होता है। इस कारण से पालिताना मंदिर, जैन धर्म में विश्वास रखनेवाले भक्तों के लिए सबसे पवित्र तीर्थस्थान के रूप में भी माना गया है। यहां तक आने के लिए बच्चों-बुजुर्गों के लिए आपको पालकी सुविधा भी उपलब्ध है। हालांकि लगभग 4 कि.मी. की चढ़ाई करने के बाद आपको मंदिर के दर्शन होते हैं। यहां आकर आप भक्ति भाव से एकदम ओतप्रोत हो जाते हैं, क्योंकि यहां जैसे चारों ओर आपको पहाड़ की चोटी पर एकसाथ कई मंदिर के दर्शन और किसी जगह नहीं होते हैं। जो इसे राज्य का प्रमुख दर्शनीय स्थल बना देता है।</p>
<figure id="attachment_886" aria-describedby="caption-attachment-886" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-886" src="http://blesstvlive.com/storage/2018/06/palitana-mandir-300x169.jpg" alt="" width="300" height="169" /><figcaption id="caption-attachment-886" class="wp-caption-text">पालीताना जैन धर्म मंदिर</figcaption></figure>
<p>अंबाजी मंदिर, गुजरात के बनासकांठा जिला में निर्मित है। मां अंबा को समर्पित इस मंदिर का निर्माण 1975 में हुआ था। जहां हर साल भाद्रपदी पूर्णिमा के अवसर पर मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए जमा होते हैं। इस मंदिर का शिखर 103 फुट ऊंचा है, जिसे 358 स्वर्ण क्लश से सजाया गया है। एक पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर की नवरात्र के दौरान छटा देखते ही बनती है, जहां से सूर्यास्त का दृश्य काफी सुंदर प्रतीत होता है।</p>
<figure id="attachment_887" aria-describedby="caption-attachment-887" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-887" src="http://blesstvlive.com/storage/2018/06/amba-ji-300x169.jpg" alt="" width="300" height="169" /><figcaption id="caption-attachment-887" class="wp-caption-text">अंबाजी मंदिर</figcaption></figure>
<p>शास्त्रों के अनुसार, गुजरात के पावागढ़ पर बसा मां कालिका का शक्तिपीठ सबसे जाग्रत माना गया है। यहां स्थित काली मां को महाकाली भी पुकारा जाता है। इसके साथ ही कालिका माता का यह प्रसिद्ध मंदिर मां के शक्तिपीठों में से एक है। दरअसल ऐसा माना जाता है कि माता सती के दाहिने पैर की उंगुलियां पावागढ़ पर्वत पर गिरी थी। यह मंदिर चंपारण्य के पास स्थित है, जो वडोदरा शहर से लगभग 50 कि.मी. दूर है। मंदिर की खासियत यह है कि यह ऊंची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। जहां भक्त रोप-वे के द्वारा दर्शन के लिए पहुंचते हैं। जहां से लगभग 250 सीढ़ियां चढ़ने के बाद जाकर आप मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुंचते हैं।</p>
<figure id="attachment_888" aria-describedby="caption-attachment-888" style="width: 300px" class="wp-caption aligncenter"><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-888" src="http://blesstvlive.com/storage/2018/06/ma-kali-mandir-300x169.jpg" alt="" width="300" height="169" /><figcaption id="caption-attachment-888" class="wp-caption-text">मां कालिका मंदिर</figcaption></figure>
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		<title>लाखों मुस्लमानों ने अदा की अलविदा जुम्मे की नमाज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:36:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[रमजान शरीफ का महीना अल्लाह ताआला से इश्क और मोहब्बत का महीना : शाही इमाम पंजाब लुधियाना : आज पवित्र रमजान शरीफ के अलविदा जुम्मा के मौके पर फील्डगंज चौंक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में हजारों मुस्लमानों ने नमाज अदा की। नमाजियों की संख्या को देखते हुए शाहपुर रोड व जेल रोड पर नमाज के लिए...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h3><b>रमजान शरीफ का महीना अल्लाह ताआला से इश्क और मोहब्बत का महीना : शाही इमाम पंजाब</b></h3>
<div><b>लुधियाना : </b>आज पवित्र रमजान शरीफ के अलविदा जुम्मा के मौके पर फील्डगंज चौंक स्थित ऐतिहासिक जामा मस्जिद में हजारों मुस्लमानों ने नमाज अदा की। नमाजियों की संख्या को देखते हुए शाहपुर रोड व जेल रोड पर नमाज के लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। इस मौके पर संबोधित करते हुए पंजाब के शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि रमजान शरीफ का महीना अल्लाह ताआला से इश्क और मोहब्बत का महीना है। इस मुबारक महीने में बंदा खुदा और उसके रसूल सल्ललाहु अलैहीवसल्लम से अपने इश्क का इकाहार करते हुए गुनाहों से तौबा करता है। शाही इमाम मौलाना हबीब ने कहा कि रमजान के आठ रोजे अभी बाकी है, हमें चाहिए कि इस वक्त की खूब कद्र करे और ज्यादा से ज्यादा इबादत में लगे रहे। खुले दिल से गरीबों की मदद करें। आपसी रंजिशों को खत्म करके एक-दूसरे से मोहब्बत का इकाहार करे। वर्णनयोग है कि आज पवित्र रमजान शरीफ का आखिरी जुम्मा था। शहर की सभी मस्जिदों में लाखों की संख्या में नामाजी एकत्रित हुए। नायब शाही इमाम मौलाना उसमान रहमानी लुधियानवी ने बताया कि शहर में 5 लाख से ज्यादा मुस्लमानों नें अलविदा जुम्मे की नमाज अदा की।</div>
<div></div>
<div><b>15 को भी हो सकती है दोबारा आखिरी जुम्मे की नमाज : </b>नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उसमान रहमानी लुधियानवीं ने बताया कि 14 जून को ईद का चांद देखना है, अगर चांद नजर नहीं आता है तो 15 जून को तीसवां रोजा होगा और रमजान का आखिरी जुम्मा दोबारा अदा करने का मौका मिल सकता है।</div>
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