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हर हर महादेव! केदारनाथ मंदिर के कपाट आखिरकार खुल गए; दर्शन कई महीनों तक खुले रहेंगे

मुंबई: आज भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष खुशी का दिन है। लंबे इंतजार के बाद आज बाबा केदारनाथ के कपाट सभी श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। आज से सभी शिवभक्त 6 महीने तक बाबा केदारनाथ के दर्शन कर सकेंगे। केदारनाथ धाम के कपाट आज शुक्रवार 2 मई को प्रातः 7 बजे विशेष शुभ मुहूर्त-विवाह में खोल दिए गए। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में केदारनाथ मंदिर के कपाट खोले गए।

केदारनाथ धाम का महत्व: केदारनाथ धाम उत्तराखंड की चार धाम यात्रा में तीसरा धाम है। हर साल लाखों श्रद्धालु केदारनाथ के दर्शन के लिए आते हैं। केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। मान्यता है कि इस मंदिर में बाबा केदार के दर्शन करने से मनुष्य पापों से मुक्त हो जाता है और मोक्ष प्राप्त करता है। केदारनाथ जाने से पहले वहां स्थित भैरवनाथ के दर्शन अवश्य करने चाहिए। उनके दर्शन के बिना केदारनाथ की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

शिवांश: ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव स्वयं इस मंदिर में लिंग के रूप में मौजूद हैं। यहां का शिवलिंग स्वयं प्रकाशित ज्योतिर्लिंग है। मंदिर के दरवाजे नवंबर से लगभग 6 महीने के लिए बंद रहते हैं। दरवाज़े बंद होने पर प्रकाश चालू हो जाता है। छह महीने बाद भी दरवाजे खोलने पर यह दीपक जलता हुआ पाया जाता है।

केदारनाथ पर्यटन स्थल: हिमालय की गोद में स्थित इस पवित्र स्थान का बहुत महत्व है। केदारनाथ में बाबा के दर्शन के अलावा, कोई आसपास के स्थानों जैसे गांधी सरोवर झील, सोनप्रयाग, गौरीकुंड मंदिर, वासुकी ताल, आदि गुरु शंकराचार्य समाधि स्थल, रुद्र गुफा, चुरावरी ग्लेशियर और मंदाकिनी नदी के तट पर गर्म झरने भी देख सकता है।

केदारनाथ का प्रिय प्रसाद: भगवान शिव के भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के जतन करते हैं। यदि आप बाबा के दर्शन के लिए केदारनाथ तीर्थ यात्रा पर जा रहे हैं, तो उन्हें उनका पसंदीदा प्रसाद अवश्य दिखाएं। ऐसा माना जाता है कि भगवान शिव को भांग और धतूरा सबसे ज्यादा पसंद है। केदारनाथ में आप भोले बाबा को भांग, धतूरा, दूध या जल चढ़ा सकते हैं। इससे आपको जीवन में सभी प्रकार की खुशियां प्राप्त होंगी और आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

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