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	<title>religion &#8211; Bless TV</title>
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		<title>नवरात्रि शुरू होने से पहले ऐसे चमकाएं मां के कलश को</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Oct 2023 08:27:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[तांबे को हिंदू धर्म में एक पवित्र धातु माना जाता है। हर त्यौहार, व्रत-वैक्ल्य में तांबे के बर्तन का उपयोग किया जाता है। अब नवरात्रि महोत्सव शुरू होने वाला है. इसलिए तांबे के कलश को साफ करना जरूरी है। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ आसान ट्रिक्स लेकर आए हैं। जिससे आप तांबे के कलश...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>तांबे को हिंदू धर्म में एक पवित्र धातु माना जाता है। हर त्यौहार, व्रत-वैक्ल्य में तांबे के बर्तन का उपयोग किया जाता है। अब नवरात्रि महोत्सव शुरू होने वाला है. इसलिए तांबे के कलश को साफ करना जरूरी है। इसलिए आज हम आपके लिए कुछ आसान ट्रिक्स लेकर आए हैं। जिससे आप तांबे के कलश को आसानी से चमका सकते हैं।</p>
<p>तांबे में कई औषधीय गुण भी होते हैं।हमारे गांव में आज भी तांबे के बर्तनों का ही उपयोग किया जाता है। लेकिन तांबे के बर्तनों को अन्य बर्तनों की तुलना में अधिक देखभाल की जरूरत होती है। क्योंकि तांबे के बर्तनों के लगातार इस्तेमाल से कई खाद्य पदार्थों के साथ रासायनिक प्रतिक्रिया हो सकती है। इससे तांबे के बर्तन जल्दी काले पड़ने लगते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं, जिससे आपके तांबे के बर्तनों को साफ करना आसान हो जाएगा।</p>
<p>सिरका: अगर आपका उबटन काला पड़ गया है तो आप उसे साफ करने के लिए सफेद सिरके का इस्तेमाल कर सकते हैं। पानी में सफेद सिरका डालकर उबालें। इसमें कलश को डुबोएं और फिर साबुन या डिटर्जेंट से धो लें। इससे आपका कलश साफ और चमकदार हो जाएगा।</p>
<p>नींबू का रस : तांबे के कलश को साफ करने के लिए आप नींबू के रस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। तांबे के कलश पर नींबू का टुकड़ा रगड़ें और साफ पानी से धो लें। यह किसी भी चीज से आसानी से साफ हो जाएगा।</p>
<p>साबुन: तांबे के कलश को आप साबुन से अच्छे से साफ कर सकते हैं. इसके लिए कलश को रात भर साबुन के पानी में डुबोकर रखें और सुबह अच्छे से धो लें।</p>
<p>इमली : तांबे के बर्तन या कलश को साफ करने के लिए पकी इमली सबसे कारगर उपाय है। इसके लिए इमली को एक कप में आधे या एक घंटे के लिए भिगो दें. यह पानी में घुल जाएगा. &#8211; फिर उसी पानी में इमली को मसलकर बीज निकाल दें. फिर अपने बर्तनों को स्क्रबर की मदद से इस पानी से रगड़कर साफ पानी से धो लें।</p>
<p>आटा, सिरका और नमक: तांबे के बर्तन को चमकाने के लिए सबसे पहले नमक और सिरका मिला लें. &#8211; अब इसमें आटा मिलाएं और पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को अपने तांबे के बर्तन पर लगाकर कुछ देर तक रगड़ें। अब अपने बर्तनों को गर्म पानी से अच्छी तरह धो लें। आपके बर्तन चमकने लगेंगे.</p>
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		<title>आर्थिक समस्या दूर करने के लिए करें लौंग का खास उपाय आइए जानते हैं आसान उपायों के बारे में</title>
		<link>https://blesstvlive.com/do-special-remedy-of-clove-to-remove-economic-problem-lets-know-about-easy-remedies/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Mar 2023 06:17:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Health]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 13 मार्च: ज्योतिष में मानव जीवन से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान है और उन्हें अपनाकर अपने जीवन को थोड़ा आसान बनाया जा सकता है। लेकिन इससे सही तरीके से निपटना बहुत जरूरी है। माना कि सही समय पर और सही तरीके से किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में खुशियां और कार्य में...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई, 13 मार्च:</strong> ज्योतिष में मानव जीवन से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान है और उन्हें अपनाकर अपने जीवन को थोड़ा आसान बनाया जा सकता है। लेकिन इससे सही तरीके से निपटना बहुत जरूरी है। माना कि सही समय पर और सही तरीके से किए गए उपाय व्यक्ति के जीवन में खुशियां और कार्य में सफलता अवश्य लाते हैं।</p>
<p>ज्योतिष शास्त्र में बताए गए इन्हीं उपायों में से एक है लौंग का उपाय। ज्योतिष शास्त्र में लौंग का बहुत महत्व है। पूजा में इसका प्रयोग करने से घर में सकारात्मकता बनी रहती है। साथ ही इसके उपाय करने से आर्थिक तंगी समेत कई कामों में आ रही रुकावटें दूर हो जाती हैं। आइए जानते हैं उन आसान उपायों के बारे में..</p>
<p>कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए</p>
<p>यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष है तो शुक्ल पक्ष में सोमवार के दिन लगातार 40 दिनों तक दो लौंग शिवलिंग पर चढ़ानी चाहिए। इस उपाय को करने से कालसर्प दोष का दुष्प्रभाव दूर हो जाता है और शुभ फल मिलने लगते हैं।</p>
<p>हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए</p>
<p>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर आप किसी जरूरी काम से घर से निकल रहे हैं तो दो लौंग मुंह में रखकर बाहर निकाल लें। ऐसा करने से आपको विशेष लाभ होगा और जिस काम के लिए आपने घर छोड़ा है उसमें आपको जल्द ही सफलता मिलेगी।</p>
<p>आर्थिक तंगी से निजात पाने के लिए</p>
<p>यदि आप लंबे समय से चली आ रही आर्थिक तंगी से छुटकारा पाना चाहते हैं और कोई उपाय नहीं मिल रहा है तो आपको शुक्रवार के दिन मां लक्ष्मी को एक गुलाब का फूल और दो लौंग चढ़ानी चाहिए। इसके बाद 5 लौंग और 5 रुपये को एक लाल कपड़े में बांधकर जहां आप पैसे रखते हैं वहां रख दें। ज्योतिषियों के अनुसार इस उपाय को पूरी निष्ठा से करने से जल्द ही लाभ दिखाई देने लगता है।</p>
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		<title>महाशिवरात्रि पर घर लाएं ये 6 शुभ चीजें</title>
		<link>https://blesstvlive.com/bring-home-these-6-auspicious-things-on-mahashivaratri/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 15 Feb 2023 05:01:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Lifestyle]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[astrology and horoscope]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 15 फरवरी: हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। भगवान शिव को समर्पित यह पर्व इस साल 18 फरवरी को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान महादेव की पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि भगवान शिव को...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुंबई, 15 फरवरी: हर साल फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। भगवान शिव को समर्पित यह पर्व इस साल 18 फरवरी को मनाया जाएगा. इस दिन भगवान महादेव की पूजा करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। ज्योतिषियों का कहना है कि भगवान शिव को कुछ चीजें बहुत प्रिय होती हैं। अगर महाशिवरात्रि के दिन इन चीजों को घर में लाया जाए तो निश्चित रूप से सभी समस्याओं का समाधान हो सकता है। इन्हें घर में रखने से आर्थिक स्थिरता भी आती है।</p>
<p>रजत नंदी</p>
<p>पुराणों के अनुसार बैल नंदी को भगवान शंकर का वाहन माना जाता है। कहा जाता है कि हर शिव मंदिर में इनकी स्थापना जरूरी है। महाशिवरात्रि पर भगवान शंकर के साथ नंदी बैल की भी पूजा की जाती है। ज्योतिषियों का कहना है कि अगर किसी व्यक्ति के पास धन नहीं है तो उसे महाशिवरात्रि के दिन चांदी की नंदी बनाकर घर में रखनी चाहिए। पूजा के बाद इन्हें अपने घर की तिजोरी या धन स्थान में रख दें। आपकी आर्थिक स्थिति में स्वत: सुधार होगा।</p>
<p>एक मुखी रुद्राक्ष</p>
<p>एक मुखी रुद्राक्ष को भगवान शंकर का रूप माना जाता है। इसे हिंदू धर्म में शांति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसे घर लाने के लिए महाशिवरात्रि से अच्छा दिन कोई नहीं हो सकता। ज्योतिषियों का कहना है कि एकमुखी रुद्राक्ष धारण करने या भगवान शिव के मंत्रोच्चारण के बाद इसे घर में स्थापित करने से बड़ी से बड़ी विपत्तियां टल जाती हैं। तिजोरी में पैसे रखने से कभी भी धन की कमी नहीं लगती है।</p>
<p>रत्नों से बना शिवलिंग</p>
<p>शिवलिंग को स्नान कराए बिना महाशिवरात्रि का उत्सव पूरा नहीं होता है। ज्योतिषियों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति ग्रह दोष से पीड़ित है तो उसे महाशिवरात्रि पर रत्नों से बना शिवलिंग घर लाना चाहिए। इसे घर के मंदिर में रखें और महाशिवरात्रि के बाद भी नियमित रूप से इसकी पूजा करें। आपके ग्रहों से संबंधित सभी समस्याएं दूर होंगी।</p>
<p>पारद शिवलिंग</p>
<p>पारद शिवलिंग को घर में स्थापित करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। पारद शिवलिंग को घर में रखने से पितृदोष, कालसर्प दोष और वास्तु दोष से मुक्ति मिलती है। पारद शिवलिंग को घर लाने के लिए महाशिवरात्रि सबसे उत्तम दिन माना जाता है। इसे घर लाने के बाद नियमित रूप से इसकी पूजा करें और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें।</p>
<p>तांबे का कलश</p>
<p>महाशिवरात्रि के दिन तांबे के कलश से शिवलिंग का जलाभिषेक कर भगवान शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। कहा जाता है कि जिन घरों में अक्सर झगड़े होते रहते हैं वहां सुख-शांति के लिए तांबे का कलश रखना अच्छा होता है। अगर आप महाशिवरात्रि के दिन तांबे का कलश खरीदकर घर लाते हैं तो आपको निश्चित ही शुभ फल की प्राप्ति होगी।</p>
<p>महामृत्युंजय यंत्र</p>
<p>ऐसा माना जाता है कि जिस घर में नियमित रूप से महामृत्युंजय यंत्र की पूजा की जाती है, वहां रोग, विपत्ति या आपदाएं कभी भी दस्तक नहीं देती हैं। महाशिवरात्रि पर आप महामृत्युंजय यंत्र घर ला सकते हैं। इसे स्थापित करने के बाद प्रतिदिन सूर्योदय के समय इसकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।</p>
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		<title>सूर्योपासना क्या है? सूर्य को अर्घ देने का क्या महत्व और लाभ है</title>
		<link>https://blesstvlive.com/what-is-sun-worship-what-is-the-importance-and-benefits-of-offering-argh-to-the-sun/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Feb 2023 03:54:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 11 फरवरी: भारत में सूर्योपासना प्राचीन काल से चली आ रही है। सूर्य को हिंदू पुराणों में एक देवता के रूप में वर्णित किया गया है। वेदों में अनंत ऊर्जा के स्रोत, तेज के भंडार जैसे शब्दों से सूर्य की महिमा की गई है। इसलिए हमारे ऋषि कहते हैं कि ब्रह्मांड की आत्मा सूर्य...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुंबई, 11 फरवरी: भारत में सूर्योपासना प्राचीन काल से चली आ रही है। सूर्य को हिंदू पुराणों में एक देवता के रूप में वर्णित किया गया है। वेदों में अनंत ऊर्जा के स्रोत, तेज के भंडार जैसे शब्दों से सूर्य की महिमा की गई है। इसलिए हमारे ऋषि कहते हैं कि ब्रह्मांड की आत्मा सूर्य है। इसलिए अच्छा स्वास्थ्य चाहने वाला व्यक्ति यदि प्रतिदिन सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान करने तथा उगते सूर्य को अर्घ्य देने का संकल्प करे तो उसका स्वास्थ्य अच्छा रहता है।</p>
<p>आवेदन कैसे करें-<br />
रोज सुबह तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। अर्घ जल में कुछ कुंकू, अक्षत, लाल पुष्प डालें। फिर सूर्य के सामने खड़े होकर लोटे को दोनों हाथों से ऊंचा उठाएं और सूर्य को अर्घ्य दें।अर्घ्य देते समय निम्न मंत्रों में से किसी एक का जाप करें। इस मंत्र में दैवीय शक्ति भी है।<br />
ॐ हिं सूर्याय नमः।<br />
ॐ आदित्याय नमः।<br />
ॐ घ्राणि सूर्याय नमः।<br />
इस प्रकार सूर्य नमस्कार और सूर्य उपासना के द्वारा शरीर को स्वस्थ, सुखी और समृद्ध बनाया जा सकता है। इसके लिए धूप सेंकना जरूरी है।<br />
आइए जानते हैं पूर्व वैज्ञानिक कारण कि सूर्य को अर्घ देना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है। ठीक इसी तरह बारिश के बाद कभी-कभी आसमान में 7 रंगों का इंद्रधनुष दिखाई देता है। इसका मुख्य कारण यह है कि जब सूरज की किरणें और बारिश की बूंदें आपस में मिलती हैं तो फ्रंट पैनल पर इन्द्रधनुषी रंग नजर आते हैं।</p>
<p>इन्द्रधनुष केवल आकाश में ही नहीं दिखाई देता। तो प्रत्येक व्यक्ति के चारों ओर एक उज्ज्वल प्रकाश और सात चक्र हैं। मूलाधार चक्र, स्वाधिष्ठान, मणिपुर, अनाहत, विशुद्धि अजना, सहस्त्रधारा आदि सामान्यतया हमें योग शास्त्र के माध्यम से ज्ञात होते हैं। उनमें से प्रत्येक चक्र का एक रंग होता है और जो रंग हम इंद्रधनुष में देखते हैं वही रंग हमारे सातवें चक्र में भी होते हैं।<br />
जब इस चक्र में रंगों का संतुलन बिगड़ जाता है, तो मानव शरीर में रोग और रोग उत्पन्न हो जाते हैं। शरीर में कमजोरी, सुस्ती महसूस होने लगती है। ऐसे समय में सूर्य को अर्घ्य देने से सूर्य की युवा किरणें और अर्घ्य देने वाले जल की धार का संयोग इंद्रधनुष की तरह हमारे शरीर की आभा पर सात अलग-अलग रंगों को प्रतिबिम्बित करता है। और हमारे शरीर में जो रंग की कमी पैदा हो गई है उसकी भरपाई हो जाती है और फलस्वरूप हमारे स्वास्थ्य में सुधार होता है। शरीर के चारों ओर आभामंडल विकसित होता है और अर्घा करने वाले व्यक्ति को इसका बहुमूल्य लाभ मिलता है।</p>
<p>ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को अर्घ्य देते समय सूर्य मंत्र का जाप करना चाहिए। इस जप के साथ बल, बुद्धि, आरोग्य और प्रतिष्ठा की कामना करनी चाहिए। जो भक्त पूरी आस्था और भक्ति के साथ सूर्य की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।</p>
<p>सूर्योपासना की उपासना से मनुष्य को विपत्ति से मुक्ति मिलती है, ऋषि अगस्तिऋषि सूर्योपासना के बारे में कहते हैं, कठिन परिस्थितियों में, विकट परिस्थितियों में, सुनसान जंगलों में, विकट परिस्थितियों में, समुद्र में, सूर्य नाम (श्री आदित्याय नमः) का जाप करके विपत्तियों से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है। ). इसलिए सूर्य दर्शन प्रतिदिन करना चाहिए। अपनी आंखों से दिखाई देने वाले इस परमात्मा की इस शक्ति को समझो।<br />
हिंदू धर्म में सूर्य पूजा का बहुत महत्व है।सूर्य सभी ग्रहों के राजा हैं और शुभ फल देने वाले सत्त्वप्रधान हैं। ऐसे सूर्य देव को शत शत नमन</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जीवन में हर लक्ष्य को पाना होगा आसान बस एक बार इसे जरूर पढ़ें</title>
		<link>https://blesstvlive.com/achieving-every-goal-in-life-will-be-easy-just-read-this-once/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Feb 2023 05:50:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 9 फरवरी: गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में नेपाल के लुंबिनी में शाही परिवार में हुआ था। अपने जीवन के एक पड़ाव पर उन्होंने मानव जीवन के दुखों जैसे रोग, बुढ़ापा और मृत्यु को देखा। इसके बाद 29 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया छोड़ दी और सत्य की खोज में लग...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई, 9 फरवरी:</strong> गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में नेपाल के लुंबिनी में शाही परिवार में हुआ था। अपने जीवन के एक पड़ाव पर उन्होंने मानव जीवन के दुखों जैसे रोग, बुढ़ापा और मृत्यु को देखा। इसके बाद 29 साल की उम्र में उन्होंने दुनिया छोड़ दी और सत्य की खोज में लग गए। बोधगया में एक पीपल के पेड़ के नीचे ध्यान करते हुए उन्हें आत्मसाक्षात्कार प्राप्त हुआ। तब से 80 वर्ष की आयु में अपने महापरिनिर्वाण तक, उन्होंने अपना पूरा जीवन यात्रा करने और लोगों को जीवन के चक्र से मुक्त होने का मार्ग दिखाने में बिताया। यहां हम भगवान बुद्ध के ऐसे अनमोल विचार देखने जा रहे हैं, जो व्यक्ति को जीवन में किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने का सच्चा मार्ग दिखाते हैं।</p>
<p>भगवान बुद्ध के महापरिनिर्वाण के बाद, उनके शिष्यों ने राजगृह में एक परिषद बुलाई, जहाँ बौद्ध धर्म की मुख्य शिक्षाओं को संहिताबद्ध किया गया। महात्मा बुद्ध के सिद्धांतों के आधार पर बौद्ध धर्म हीनयान और महायान दो सम्प्रदायों में विभाजित हो गया।</p>
<p>बौद्ध धर्म के अनुयायियों ने बुद्ध के सिद्धांतों के आधार पर बौद्ध धर्म को फैलाने का काम किया, महात्मा बुद्ध के संदेशों और विचारों का पूरे विश्व में अनुसरण किया जाता है और आज भी प्रासंगिक माना जाता है।</p>
<p>भगवान बुद्ध के अनुसार संतोष सबसे बड़ा धन है, वफादारी सबसे बड़ा रिश्ता है और स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है। तथागत कहते हैं कि,<br />
जीवन में किसी भी लक्ष्य या लक्ष्य को प्राप्त करने से ज्यादा महत्वपूर्ण उस यात्रा को अच्छे से पूरा करना है। बुद्ध के अनुसार, हर समय क्रोधित रहना जलती हुई छड़ी को दूसरे व्यक्ति पर फेंकने की इच्छा से अपने पास रखने के समान है। भगवान बुद्ध के अनुसार क्रोध सबसे पहले आपको जलाता है। इसलिए क्रोध में हजार गलत शब्द कहने से अच्छा मौन का एक शब्द जीवन में शांति लाता है।<br />
महात्मा बुद्ध के अनुसार किसी जंगली जानवर से ज्यादा विश्वासघाती और दुष्ट मित्र से डरना चाहिए। एक जंगली जानवर आपके शरीर को हानि पहुँचा सकता है, एक दुष्ट मित्र आपके मन को हानि पहुँचा सकता है।</p>
<p>महात्मा बुद्ध के अनुसार मनुष्य को अपने अतीत पर ध्यान नहीं देना चाहिए और न ही भविष्य के बारे में सोचना चाहिए। वर्तमान में जीने की आदत डालनी चाहिए, तभी जीवन में शांति आएगी।</p>
<p>जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से बेहतर है कि आप खुद पर विजय प्राप्त कर लें। अगर आप ऐसा करते हैं तो जीत हमेशा आपकी ही होगी, इसे आपसे कोई नहीं छीन सकता।</p>
<p>महात्मा बुद्ध के अनुसार बुराई को बुराई से नहीं मिटाया जा सकता। यह अटल सत्य है कि घृणा को केवल प्रेम से ही समाप्त किया जा सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महिलाओं को हनुमान वडवानल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए या नहीं?</title>
		<link>https://blesstvlive.com/should-women-recite-hanuman-vadwanal-stotra-or-not/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 06 Feb 2023 02:49:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Lifestyle]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[Astrology]]></category>
		<category><![CDATA[hanuma stotra]]></category>
		<category><![CDATA[religion]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई 06 फरवरी: हिंदू परंपरा में, प्रत्येक देवता की विशिष्ट पूजा के लिए विशिष्ट मंत्रों और भजनों की रचना वेदों में पाई जा सकती है। तदनुसार वडवानल स्त्रोत्र विभीषण द्वारा लिखित हनुमान की स्तुति है। हनुमान एक अत्यंत शक्तिशाली और बुद्धिमान, शक्तिशाली देवता हैं। वह देवता हैं जो अपने भक्तों को किसी भी कठिन संकट,...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुंबई 06 फरवरी: हिंदू परंपरा में, प्रत्येक देवता की विशिष्ट पूजा के लिए विशिष्ट मंत्रों और भजनों की रचना वेदों में पाई जा सकती है। तदनुसार वडवानल स्त्रोत्र विभीषण द्वारा लिखित हनुमान की स्तुति है।</p>
<p>हनुमान एक अत्यंत शक्तिशाली और बुद्धिमान, शक्तिशाली देवता हैं। वह देवता हैं जो अपने भक्तों को किसी भी कठिन संकट, चुनौतियों और कड़ी मेहनत से सुरक्षित और स्वस्थ लाते हैं।<br />
वडवानल सूक्त में बीज अक्षरों का प्रयोग किया गया है। जब किसी समस्या का समाधान नहीं हो पाता, जब सारे प्रयास समाप्त हो जाते हैं, तब वडवानल स्तोत्र का पाठ जटिल समस्या के लिए रामबाण के रूप में किया जाता है। यह मंत्र अन्य मंत्रों से कई गुना अधिक शक्तिशाली है। इसलिए इस उद्देश्य के लिए वडवानल स्तोत्र का पाठ किया जाता है। वडवानल स्तोत्र में बीज अक्षर चेतना को बढ़ाता है। बीज मंत्र या बीज अक्षर एक कल्प वृक्ष के समान है। उनका उपयोग किसी भी उद्देश्य के लिए किया जा सकता है। इस स्तोत्र का उल्लेख श्री स्वामी समर्थ नित्य उपासना की पुस्तक में भी मिलता है।</p>
<p>वडवानल स्तोत्र के जप से उत्पन्न ऊर्जा में ब्रह्मांडीय शक्ति को आकर्षित करने और वांछित परिणाम प्राप्त करने की शक्ति होती है। लेकिन गलत मंत्र जाप करने से साधक को इसके अशुभ फलों की प्राप्ति होती है। इसलिए कभी भी अपने मन में किसी भी स्तोत्र या मंत्र का जाप नहीं करना चाहिए। इसे जानकार लोगों से सीखें और यह देखकर कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं और उस समस्या को हल करना कितना महत्वपूर्ण है, इसका समाधान करें। फिर उपयुक्त स्तोत्र का पाठ करें।</p>
<p>कई बार कई लोग कहते हैं कि किसी ने हम पर तंत्र-मंत्र (काला जादू) की बुरी शक्ति का प्रयोग किया है। ऐसे में कई लोग इन समस्याओं से निजात पाने के लिए बुआ बाबा के पास जाते हैं. लेकिन कृपया ऐसे न जाएं, अपनी समस्या के समाधान के लिए कुछ मंत्रों का सहारा न लें। वैदिक ग्रंथों में हमारी समस्याओं के समाधान के लिए कई पवित्र साधनाएं, उपाय, उपासना जैसे वडवानल स्तोत्र का उल्लेख मिलता है।</p>
<p>इस वडवानल स्तोत्र में शक्तिशाली और राक्षसी शक्तियों को दूर करने की शक्ति है। इस तरह के पवित्र और शक्तिशाली भजन का प्रयोग करें और अपना उद्धार प्राप्त करें। वडवानल स्तोत्र मंगलवार या शनिवार को शुरू करना चाहिए और महिलाओं द्वारा पाठ किए जाने पर भी किया जाता है।</p>
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		<item>
		<title>कराची, पाकिस्तान में पंचमुखी हनुमान का मंदिर; मूर्ति का विशेष महत्व है</title>
		<link>https://blesstvlive.com/panchmukhi-hanuman-temple-in-karachi-pakistan-idol-has-special-significance/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 01 Feb 2023 05:28:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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		<category><![CDATA[hanuman temple]]></category>
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		<category><![CDATA[पाकिस्तानातील मंदिरे]]></category>
		<category><![CDATA[हनुमान मंदिर]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 01 फरवरी : अविभाजित भारत में एक हनुमान मंदिर विभाजन के दौरान पाकिस्तान चला गया। कराची शहर में स्थित इस पंचमुखी हनुमान मंदिर को बेहद चमत्कारी माना जाता है। यह मंदिर सबसे अलग और अनोखा है। कराची के इस हनुमान मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। इस मंदिर में पंचमुखी हनुमान की मूर्ति हजारों...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मुंबई, 01 फरवरी : अविभाजित भारत में एक हनुमान मंदिर विभाजन के दौरान पाकिस्तान चला गया। कराची शहर में स्थित इस पंचमुखी हनुमान मंदिर को बेहद चमत्कारी माना जाता है। यह मंदिर सबसे अलग और अनोखा है। कराची के इस हनुमान मंदिर का इतिहास काफी पुराना है। इस मंदिर में पंचमुखी हनुमान की मूर्ति हजारों साल पुरानी बताई जाती है।</p>
<p>कहीं-कहीं उल्लेख मिलता है कि एक बार भगवान राम भी इस स्थान पर आए थे। इस ऐतिहासिक मंदिर में भगवान हनुमान के दर्शन के लिए सुबह से शाम तक भक्तों की भीड़ लगी रहती है। माना जाता है कि यह पंचमुखी हनुमान मूर्ति इस मंदिर के स्थल से 11 मुट्ठी मिट्टी हटाने के बाद प्रकट हुई थी। इस मंदिर का 11 नंबर से गहरा संबंध है। मान्यता है कि इस मंदिर में हनुमान जी की 11 परिक्रमा करने से भक्तों के सारे संकट दूर हो जाते हैं और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।</p>
<p>1882 में मंदिर का जीर्णोद्धार</p>
<p>मंदिर को कुछ हजार साल पुराना माना जाता है, लेकिन वर्तमान मंदिर का इतिहास 18वीं शताब्दी का है। 1882 में इस मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया था।</p>
<p>पंचमुखी हनुमान मंदिर के आसपास घूमने की जगह</p>
<p>1. स्वामीनारायण मंदिर &#8211; कराची में भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित एक मंदिर है जिसे स्वामीनारायण कहा जाता है।</p>
<p>2. माता मंदिर &#8211; कराची में हनुमान मंदिर से कुछ ही दूरी पर माता काली का मंदिर है</p>
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		<title>क्या महादेव के इस मंदिर के पीछे छिपा है दुनिया के अंत का राज?</title>
		<link>https://blesstvlive.com/is-the-secret-of-the-end-of-the-world-hidden-behind-this-temple-of-mahadev/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 07 Jan 2023 05:09:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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		<category><![CDATA[religion]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड पिथौरागढ़]]></category>
		<category><![CDATA[पाताल भुवनेश्वर मंदिर के चार दरवाजे]]></category>
		<category><![CDATA[भुवनेश्वर मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[शिव मंदिर]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 7 जनवरी: भारत के कोने-कोने में कई रहस्यमयी मंदिर और गुफाएं हैं। उनमें से कई तो आज तक कोई भी राज नहीं खोल पाए हैं। इन्हीं मंदिरों में से एक है उत्तराखंड का शिव मंदिर। पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा मंदिर। माना जाता है कि इस मंदिर में दुनिया के अंत का राज...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई, 7 जनवरी:</strong> भारत के कोने-कोने में कई रहस्यमयी मंदिर और गुफाएं हैं। उनमें से कई तो आज तक कोई भी राज नहीं खोल पाए हैं। इन्हीं मंदिरों में से एक है उत्तराखंड का शिव मंदिर। पिथौरागढ़ में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा मंदिर। माना जाता है कि इस मंदिर में दुनिया के अंत का राज छुपा है। लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है.</p>
<p>पाताल भुवनेश्वर मंदिर गुफा में है</p>
<p>उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित पाताल भुवनेश्वर गुफा मंदिर को लेकर कई मान्यताएं हैं। इस मंदिर में शंकर के दर्शन करने के लिए एक गुफा में जाना पड़ता है जो समुद्र तल से 90 फीट गहरी है। गुफा प्रवेश द्वार से 160 मीटर लंबी है। माना जाता है कि इस मंदिर में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है।</p>
<p>पाताल भुवनेश्वर गुफा क्या है?</p>
<p>इस गुफा की ओर जाने वाली संकरी सुरंग में कई चट्टानें हैं और इसमें विभिन्न देवताओं की जटिल छवियां उकेरी गई हैं। इसके साथ ही यहां नागों के राजा आदिशेष की कलाकृतियां भी देखी जा सकती हैं।</p>
<p>पाताल भुवनेश्वर मंदिर की खोज किसने की थी?</p>
<p>पौराणिक कथा के अनुसार इस गुफा को राजा ऋतुपर्ण ने त्रेता युग में खोला था। इसके बाद पांडवों ने गुफा को फिर से खोल दिया। आदिगुरु शंकराचार्य ने 819 में स्कंदपुराण के साथ पहली बार इस गुफा की खोज की और राजा को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पुजारियों (भंडारी परिवार) को राजाओं द्वारा पूजा के लिए गुफा में लाया गया। तब से लेकर आज तक इस मंदिर में भंडारी परिवार के ही लोग पूजा करते हैं।</p>
<p>पाताल भुवनेश्वर मंदिर के चार दरवाजे हैं</p>
<p>पौराणिक कथा के अनुसार पाताल भुवनेश्वर गुफा में चार दरवाजे हैं। जिसका नाम और द्वार पाप का द्वार, धर्म का द्वार और मोक्ष का द्वार है। माना जाता है कि जब रावण की मृत्यु हुई तो पाप के द्वार बंद हो गए। इसके बाद महाभारत के युद्ध के बाद इस किले को बंद कर दिया गया था।</p>
<p>पाताल भुवनेश्वर मंदिर में और क्या है खास?</p>
<p>इस मंदिर की खास बात यह है कि इसमें चार स्तंभ हैं जिनका नाम युगों के अनुसार सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग और कलियुग रखा गया है। सभी स्तम्भों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है, किन्तु कलियुग स्तम्भ की लम्बाई अन्य स्तम्भों से अधिक है। साथ ही यहां विराजमान शिवलिंग का आकार भी तेजी से बढ़ रहा है। ऐसा माना जाता है कि जब यह शिवलिंग गुफा की छत को छू लेगा तो दुनिया खत्म हो जाएगी। इस बात में कितनी सच्चाई है इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. यह एक बनी-बनाई कहानी हो सकती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>जन्म तिथि के अनुसार इन लोगों का दिन आराम से बीतेगा, वहीं इनके अटके हुए काम पूरे होंगे</title>
		<link>https://blesstvlive.com/according-to-the-date-of-birth-the-day-of-these-people-will-be-spent-comfortably-while-their-stuck-work-will-be-completed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 06 Jan 2023 05:15:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Lifestyle]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[Astrology]]></category>
		<category><![CDATA[Numerology]]></category>
		<category><![CDATA[Numerology Suggestions]]></category>
		<category><![CDATA[rashi bhavishya]]></category>
		<category><![CDATA[religion]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 6 जनवरी: अंक ज्योतिष उतना ही महत्वपूर्ण है जितना ज्योतिष। अंक ज्योतिष में आपकी जन्मतिथि से आपका भविष्य बताया जाता है। जानिए अंक ज्योतिष के अनुसार 6 जनवरी 2023 आपके लिए कैसा रहेगा। #मूलांक 1 : (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई, 6 जनवरी:</strong> अंक ज्योतिष उतना ही महत्वपूर्ण है जितना ज्योतिष। अंक ज्योतिष में आपकी जन्मतिथि से आपका भविष्य बताया जाता है। जानिए अंक ज्योतिष के अनुसार 6 जनवरी 2023 आपके लिए कैसा रहेगा।</p>
<p>#मूलांक 1 : (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 1, 10, 19, 28 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>विद्यार्थियों और महिलाओं के लिए दिन अच्छा रहेगा। भविष्य में विकास के नए अवसरों के अनुसार अपनी सोच बदलने के लिए तैयार रहें। व्यावहारिक रूप से सोचें और साझेदारी से बचें। सामाजिक सहयोग मिलेगा। यह कानूनी या आधिकारिक मुद्दों को हल कर सकता है; लेकिन आर्थिक सहायता लेने से बचें। अभिनेताओं, खिलाड़ियों, अभिनेताओं, बिल्डरों और राजनेताओं को नई परियोजनाओं को स्वीकार करने से पहले दो बार सोचना चाहिए। नहीं तो बदनामी होने की संभावना है। आकर्षण बढ़ाने के लिए चमड़े की वस्तुओं के प्रयोग से बचें। सूर्य की पूजा करें और हमेशा उनका आशीर्वाद लें।</p>
<p>शुभ रंग : पीला और हरा</p>
<p>शुभ दिन: रविवार</p>
<p>शुभ अंक : 3</p>
<p>दान: मंदिर में सरसों का तेल दान करें।</p>
<p>#नंबर 2 : (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 2, 11, 20, 29 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>घर की उत्तरी दीवार पर पानी का फव्वारा लगाएं। आज का दिन ऐश्वर्य और विलासिता से भरा रहेगा। गृहिणियों को चाहिए कि वे मैत्रीपूर्ण सभा का आयोजन कर अतिथियों की सकारात्मक ऊर्जा का स्वागत करें। साझेदारी व्यवसाय एकल स्वामित्व की तुलना में अधिक सफल होंगे। ऑफलाइन की तुलना में वास्तविक कार्य को प्राथमिकता दी जाएगी। अपने प्यार के एहसास को स्थायी रिश्ते में बदलने के लिए आज का दिन रोमानी है। व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं में देरी होगी। आज यात्रा करने से बचें। वितरकों, राजनीतिक नेताओं, वकीलों, खुदरा विक्रेताओं, शिक्षाविदों, डॉक्टरों और जौहरियों को दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते समय सावधानी बरतनी चाहिए।</p>
<p>शुभ रंग : आसमानी नीला</p>
<p>शुभ दिन: सोमवार</p>
<p>शुभ अंक: 2 और 6</p>
<p>दान : मंदिर में या किसी जरूरतमंद को दही का दान करें।</p>
<p>#नंबर 3 : (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 3, 12, 21, 30 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>केले के पौधों में चीनी का पानी नियमित रूप से डालना चाहिए। हास्य की भावना, मृदुभाषी, अकादमिक ज्ञान, शारीरिक उपस्थिति और शब्दों का जादुई उपयोग दूसरों के मन में आपके लिए एक स्थायी आकर्षण पैदा करेगा। आप भाग्यशाली होंगे यदि आप दिखाएंगे कि आपका व्यक्तित्व बहुत ही आकर्षक और मनमोहक है। योग प्रशिक्षक, शिक्षाविद्, विपणन और बिक्री कर्मी, संगीतकार, डिजाइनर, छात्र, न्यूज एंकर, राजनीतिक नेता, अभिनेता, कलाकार, गृहिणियां, होटल व्यवसायी और लेखक आज करियर में विशेष लाभ प्राप्त करेंगे।</p>
<p>शुभ रंग : नारंगी और हरा</p>
<p>शुभ दिन: गुरुवार</p>
<p>शुभ अंक: 3 और 1</p>
<p>दान : मंदिर में पीले चावल का दान करें।</p>
<p>#नंबर 4 : (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 4, 13, 22, 31 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>राहु पूजा करें या दिन में कम से कम एक बार राहु का 108 बार जाप करें। इससे जीवन की सभी चुनौतियां कम होंगी। आप एक सिस्टम के हिस्से के रूप में अच्छी तरह से काम करते हैं। तो आप एक अच्छे नौकरशाह हो सकते हैं। सरकार या बड़े ब्रांड के साथ काम करते समय हमेशा प्रदर्शन का आनंद लें। दलाल, निर्माण, मशीनरी, धातु, सॉफ्टवेयर और फार्मास्यूटिकल्स जैसे व्यवसायों से जुड़े व्यक्तियों को आज अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से बचना चाहिए। बेहतर मनी मैनेजमेंट से घाटा कम होगा और मुनाफा बढ़ेगा। आज आप एक गौरवान्वित पिता होने का अनुभव करेंगे।</p>
<p>शुभ रंग : चैती</p>
<p>शुभ दिन: मंगलवार</p>
<p>शुभ अंक : 9</p>
<p>दान: मंदिर में दो श्रीफल दान करें।</p>
<p>#नंबर 5 : (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 5, 14, 23 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए उनकी पूजा करें। भाग्य और मजबूत सामाजिक नेटवर्क आज प्रसिद्धि और करियर में वृद्धि में मदद करेगा। भ्रम से बचें और संपत्ति निवेश के बड़े फैसले खुद लें। खिलाड़ियों और यात्रियों को बेहतरीन समय का इंतजार करना होगा। घर से काम करना और आलस्य से बचना अच्छे दिन के लिए जरूरी है।</p>
<p>शुभ रंग : हरा और गुलाबी</p>
<p>शुभ दिन: बुधवार</p>
<p>शुभ अंक : 5</p>
<p>दान: किसी मंदिर या मित्र को तुलसी दान करें।</p>
<p>#अंक 6 : (यदि आपका जन्म किसी भी माह की 6, 15, 24 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>आज एक लक्ष्य के लिए काम करें। क्योंकि सौभाग्य से वह कार्य आसानी से प्राप्त हो सकता है। आज ही घर से काम करें या ऑनलाइन काम करें। करियर में वृद्धि और उन्नति लाने के लिए यह सबसे अच्छा संयोजन है। एक टीम लीडर और कम्युनिटी लीडर के रूप में आपकी देखभाल की जाएगी और सभी द्वारा आपकी सराहना की जाएगी। खिलाड़ियों, रक्षा अधिकारियों, सॉफ्टवेयर इंजीनियरों, गृहिणियों, शिक्षकों, जौहरियों, अभिनेताओं, जॉकी और डॉक्टरों के लिए अच्छा दिन है। आज वे अच्छा प्रदर्शन करेंगे। माता-पिता को अपने बच्चों की उपलब्धियों पर गर्व होगा और इसके लिए उन्हें ईश्वर को धन्यवाद देना चाहिए।</p>
<p>शुभ रंग : सफेद</p>
<p>शुभ दिन: शुक्रवार</p>
<p>शुभ अंक : 6</p>
<p>दान : आश्रम में स्टील के बर्तन दान करें।</p>
<p>#नंबर 7 : (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 7, 16, 25 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>आज अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। नहीं तो आप दूसरों को चोट पहुंचा सकते हैं। दूसरों के सुझावों को खुलकर स्वीकार करना चाहिए। हालांकि आप छोटे समूह के साथ काम करना पसंद करते हैं, लेकिन आज आपको साथियों की जरूरत पड़ेगी। आप अपने अनोखे प्रदर्शन से बॉस को प्रभावित करने में सफल रहेंगे। कपल्स के रिश्ते में विश्वास और सम्मान बढ़ेगा। आज आप बिना देर किए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर सकते हैं और ऑडिट कर सकते हैं। उपचार, प्रेरणा, तंत्र विद्या, आध्यात्मिक शिक्षा, कृषि और अनाज के क्षेत्र में काम करने वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। जब तक आप अपनी वाणी में सौम्य रहेंगे, व्यापारिक संबंध अच्छे रहेंगे।</p>
<p>शुभ रंग : भूरा</p>
<p>शुभ दिन: सोमवार</p>
<p>शुभ अंक : 7</p>
<p>दान : आश्रम को किताबें और स्टेशनरी दान करें।</p>
<p>#अंक 8 : (यदि आपका जन्म किसी भी माह की 8, 17, 26 तारीख को हुआ है तो यह भाग्यांक आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>आज आपका भाग्य करियर और प्यार के लिए अनुकूल रहेगा। प्रकृति में आक्रामकता कम करने के लिए आवारा पशुओं की सेवा करें। नए अवसरों और नए रिश्तों की तलाश करें। महत्वाकांक्षा सपनों को साकार करेगी। आपके साथ काम करने वाले सीनियर्स मेंटर होंगे। इनका पालन करना आवश्यक है। व्यावसायिक लेन-देन सफल और लाभदायक रहेगा। अनुबंध या साक्षात्कार में देरी न करें। आज किसी पारिवारिक कार्यक्रम या मित्रों की पार्टी में समय व्यतीत होने की संभावना है। सामाजिक नेटवर्क और प्रेम संबंधों में विश्वास बढ़ाने के लिए आज का दिन अच्छा है। मांस और शराब से परहेज करें।</p>
<p>शुभ रंग : समुद्री नीला</p>
<p>शुभ दिन: शुक्रवार</p>
<p>शुभ अंक : 6</p>
<p>दान: गायों को जल पिलाएं।</p>
<p>#नंबर 9 : (यदि आपका जन्म किसी भी महीने की 9, 18, 27 तारीख को हुआ है तो यह भाग्य आपके लिए लागू होता है।)</p>
<p>मंगल ग्रह की ऊर्जा प्राप्त करने के लिए हो सके तो लाल या भूरे रंग का मोबाइल कवर या वॉलेट साथ रखें। आज आप तनावमुक्त और समृद्ध रहेंगे क्योंकि समस्याएं समाप्त होने की संभावना है। शिक्षा, कानून, परामर्श और वित्त उद्योग में व्यक्ति नई ऊंचाइयों तक पहुंचेंगे। कलाकारों के लिए आज का दिन आशाजनक है। बिजनेस या नौकरी में मजबूती हासिल करने के लिए पुराने दोस्तों या साथियों से जुड़ने के लिए अच्छा दिन है। उनकी ओर से अच्छा जवाब मिलने की संभावना है। दिन की शुरुआत लाल वस्त्र पहनकर करें। अपनी शादी की योजनाओं को अपने परिवार के साथ साझा करने के लिए यह एक सही दिन है। उनका समर्थन भविष्य को आसान बना देगा। ख़र्चों पर नियंत्रण रखें और अपने आहार में वेज साइट्रस मील शामिल करें।</p>
<p>शुभ रंग : लाल</p>
<p>शुभ दिन: मंगलवार</p>
<p>शुभ अंक: 9 और 6</p>
<p>दान करें : कलिंगड का दान गरीबों को करें।</p>
<p>6 जनवरी को जन्मी हस्तियाँ: ए। आर। रहमान, कपिल देव, बिंदिया गोस्वामी, दिलजीत दोसांझ, अभिनव मुकुंद, जय राम ठाकुर</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>औरंगाबाद में महादेव का मंदिर बनने में करीब 100 साल लगे।</title>
		<link>https://blesstvlive.com/it-took-about-100-years-to-build-the-temple-of-mahadev-in-aurangabad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 28 Dec 2022 03:36:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[aurangabad]]></category>
		<category><![CDATA[maharashtra]]></category>
		<category><![CDATA[religion]]></category>
		<category><![CDATA[Temple]]></category>
		<category><![CDATA[महादेव मंदिर]]></category>
		<category><![CDATA[महादेव मंदिर औरंगाबाद]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 28 दिसंबर: आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो किसी अजूबे से कम नहीं है। कहा जाता है कि इस मंदिर को बनने में 100 साल से भी ज्यादा का समय लगा था। यह मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एलोरा यानी वेरूल की गुफाओं में...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई, 28 दिसंबर:</strong> आज हम आपको एक ऐसे ही मंदिर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो किसी अजूबे से कम नहीं है। कहा जाता है कि इस मंदिर को बनने में 100 साल से भी ज्यादा का समय लगा था। यह मंदिर महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में एलोरा यानी वेरूल की गुफाओं में स्थित है।</p>
<p>इसे वेरुल के प्रसिद्ध कैलाश मंदिर के रूप में जाना जाता है। 276 फीट लंबा और 154 फीट चौड़ा यह मंदिर इस मायने में अनूठा है कि इसे केवल एक चट्टान को काटकर बनाया गया है। ऊंचाई की बात करें तो यह मंदिर किसी चार या पांच मंजिला इमारत के बराबर है।</p>
<p>कहा जाता है कि इस मंदिर के निर्माण में करीब 40 हजार टन वजनी पत्थरों को काटा गया था। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसे हिमालयी कैलास जैसा बनाने की कोशिश की जा रही है। कहा जाता है कि इसे बनवाने वाले राजा का मानना ​​था कि अगर कोई हिमालय तक नहीं पहुंच सकता है तो उसे यहां आकर अपने आराध्य भगवान शिव के दर्शन करने चाहिए।</p>
<p>इस मंदिर का निर्माण मालखेड़ में राष्ट्रकूट वंश के नरेश कृष्ण (प्रथम) (757-783) ने शुरू कराया था। माना जाता है कि इस मंदिर को बनने में 100 साल से भी ज्यादा का समय लगा था और करीब 7000 मजदूरों ने इस मंदिर के निर्माण में दिन-रात योगदान दिया था। यूनेस्को ने इस जगह को 1983 में ही &#8216;वर्ल्ड हेरिटेज साइट&#8217; घोषित कर दिया है।</p>
<p>&nbsp;</p>
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