<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>pooja &#8211; Bless TV</title>
	<atom:link href="https://blesstvlive.com/tag/pooja/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://blesstvlive.com</link>
	<description>Faith and Lifestyle channel</description>
	<lastBuildDate>Wed, 30 Mar 2022 07:18:39 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	

<image>
	<url>https://blesstvlive.com/storage/2018/04/favicon-1.png</url>
	<title>pooja &#8211; Bless TV</title>
	<link>https://blesstvlive.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>चैत्री नवरात्रि में गलती से भी करें ये काम, नहीं तो जीवन भर पछताना</title>
		<link>https://blesstvlive.com/do-this-work-even-by-mistake-in-chaitri-navratri-otherwise-you-will-regret-it-for-life/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Mar 2022 07:30:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[Aarti]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitri]]></category>
		<category><![CDATA[Chaitri Navratri 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Difficulties]]></category>
		<category><![CDATA[Fasting]]></category>
		<category><![CDATA[Life]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri]]></category>
		<category><![CDATA[pooja]]></category>
		<category><![CDATA[Religious]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://blesstvlive.com/?p=16045</guid>

					<description><![CDATA[हिंदू धर्म में चैत्री नवरात्रि का एक और महत्व है। कई लोग चैत्री नवरात्रि के दौरान उपवास रखते हैं। वहीं ज्यादातर घरों में आरती की पूजा की जाती है। इस बार नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू होकर 11 अप्रैल तक चलेगी। हालाँकि, नोर्टा के दौरान कई बातों का ध्यान रखना चाहिए। चैत्री नवरात्रि में कुछ...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हिंदू धर्म में चैत्री नवरात्रि का एक और महत्व है। कई लोग चैत्री नवरात्रि के दौरान उपवास रखते हैं। वहीं ज्यादातर घरों में आरती की पूजा की जाती है। इस बार नवरात्रि 2 अप्रैल से शुरू होकर 11 अप्रैल तक चलेगी। हालाँकि, नोर्टा के दौरान कई बातों का ध्यान रखना चाहिए।</p>
<p>चैत्री नवरात्रि में कुछ बातों का रखेंगे खास ध्यान</p>
<p>अगर आप घर में आरती या पूजा ठीक से नहीं कर सकते तो कोई बात नहीं। लेकिन इस दौरान आपको घर में और भी कई बातों का ध्यान रखने की जरूरत है। यदि आप इन बातों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देते हैं तो आपके जीवन में कई समस्याएं (समस्याएं) आ जाती हैं और आपको कई संकटों से गुजरना पड़ता है। तो जान लें कि चैत्री नवरात्रि में आप कुछ बातों का खास ध्यान रखेंगे। ताकि आगे आपको कोई परेशानी न हो। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नोर्टा में इन बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।</p>
<p>मांसाहारी भोजन</p>
<p>नवरात्रि में किसी भी व्यक्ति को मांसाहारी भोजन नहीं करना चाहिए। नोर्टा के दौरान विभिन्न प्रकार की पूजा की जाती है। इसके लिए मांसाहारी भोजन से बचना चाहिए।</p>
<p>शराब की खपत</p>
<p>नोर्टा के दौरान किसी को भी शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। चैत्र का महीना भगवान दुर्गा की पूजा के लिए बहुत ही पवित्र माना जाता है। नवरात्रि में अगर आप शराब का सेवन करते हैं तो आपको कई मुश्किलों से गुजरना पड़ता है।</p>
<p>चमड़े का सामान न पहनें</p>
<p>चैत्र नवरात्रि में चमड़े का सामान नहीं पहनना चाहिए। चमड़े का सामान पहनना हमारे लिए अशुभ साबित होता है। चमड़ा जानवरों की खाल से बनाया जाता है इसलिए इसे बहुत अशुभ माना जाता है। इस वजह से आपको चमड़े की चीजों से दूर रहना चाहिए।</p>
<p>लहसुन-प्याज न खाएं</p>
<p>लहसुन &#8211; प्याज को तामसिक भोजन की श्रेणी में शामिल किया गया है। तामसिक भोजन मन की एकाग्रता को भंग करता है। इससे मानसिक थकान भी होती है। ऐसा होने तक नोराटा में लहसुन-प्याज न खाएं।</p>
<p>बाल काटना</p>
<p>नोर्टा के दौरान किसी को भी बाल नहीं कटवाना चाहिए। बाल और दाढ़ी ट्रिमिंग से भविष्य में सफलता की संभावना कम हो जाती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शुक्रवार को करें कामख्&#x200d;या सिंदूर की पूजा; मिलेगा सौभाग्&#x200d;य और मनोकामना पूर्ती का वरदान</title>
		<link>https://blesstvlive.com/vivahitao-k-liye-behd-khaas/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[News Bureau news]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 05 Oct 2021 11:34:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bless]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Kamkhya sindoor]]></category>
		<category><![CDATA[Mantra]]></category>
		<category><![CDATA[pooja]]></category>
		<category><![CDATA[worship]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://blesstvlive.com/?p=774</guid>

					<description><![CDATA[विवाहिताओं के लिए देवी कामाख्या के सिंदूर का अतिविशिष्ट महत्व है. इसे बोलचाल की भाषा में कमिया सिंदूर भी कहा गया है, जो कामरुप कामाख्या क्षेत्र में ही पाया जाता है. इसे आसानी से हासिल नहीं किया जा सकता है. इसकी प्राप्ति  विशेष तरह के मंत्र के 108 बार जाप से सिद्ध किया जाता है....]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p class="gmail-secArticleTitle">विवाहिताओं के लिए देवी कामाख्या के सिंदूर का अतिविशिष्ट महत्व है. इसे बोलचाल की भाषा में कमिया सिंदूर भी कहा गया है, जो कामरुप कामाख्या क्षेत्र में ही पाया जाता है. इसे आसानी से हासिल नहीं किया जा सकता है. इसकी प्राप्ति  विशेष तरह के मंत्र के 108 बार जाप से सिद्ध किया जाता है. उसके बाद ही विवाहिताएं इसका इस्तेमाल मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए करती हैं.</p>
<div>
<div class="gmail_signature" data-smartmail="gmail_signature">
<div dir="ltr">
<div dir="ltr">
<div dir="ltr">
<div dir="ltr">
<div dir="ltr">
<p>सदियों से चली आ रही मान्यता और अटूट विश्वास के अनुसार जो कोई कामाख्या सिंदूर का प्रयोग करता है उस पर देवी मां की कृपा बनी रहती है. यह सिंदूर वशीकरण, जादू-टोना, गृह-कलेश, कारोबार में बाधा, विवाह या प्रेम की समस्या या दूसरी तरह की भूत-प्रेत बाधा की समस्याओं को दूर करता है. इसका इस्तेमाल सामान्य तौर पर मांगलिक आयोजनों में किया जाता है.</p>
<p>इस सिंदूर को चांदी की डिब्बी में रखकर मंत्र ‘कामाख्याये वरदे देवी नीलपावर्ता वासिनी! त्व देवी जगत माता योनिमुद्रे नमोस्तुते!! ’का उच्चारण 108 बार करना चाहिए. इसका जाप चुटकी में सिंदूर लेकर 11 या 7 बार शुक्रवार को शुरू कर सात दिनों तक करना चाहिए. मंत्र के उच्चारण के समय हथेली में गंगाजल, केसर, चंदन को मिलाकर माथे पर तिलक लगाना चाहिए. इस जाप को स्त्री या पुरुष किसी के द्वारा भी किया जा सकता है. इसे लगाने का कार्य भी मंत्रोच्चारण के साथ किया जाना चाहिए.</p>
<div id="gmail-zdt_364482_1_wrapper"></div>
<p>वह मंत्र हैः- कामाख्याम कामसम्पन्ना कामेश्वरी हरप्रिया द्य</p>
<p>कमाना देहि में नित्य कामेश्वरी नमोस्तुते द्यद्य</p>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
