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	<title>married life &#8211; Bless TV</title>
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		<title>श्रावण सोमवार को इन 4 उपायों से दूर होंगे पति-पत्नी के झगड़े, जीवन में आएगी मधुरता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Aug 2022 06:40:41 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[श्रावण में, भगवान महादेव की भक्ति भक्ति के साथ की जाती है, क्योंकि इस महीने में शिव बहुत प्रसन्न होते हैं। महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए इस महीने से सोलह सोमवार का व्रत रखती हैं। महिलाएं सोमवार को श्रावण करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। श्रावण...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>श्रावण में, भगवान महादेव की भक्ति भक्ति के साथ की जाती है, क्योंकि इस महीने में शिव बहुत प्रसन्न होते हैं। महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए इस महीने से सोलह सोमवार का व्रत रखती हैं। महिलाएं सोमवार को श्रावण करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती हैं। श्रावण सोमवार को शास्त्रों में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जो दांपत्य जीवन में मधुरता लाते हैं। ये उपाय वैवाहिक जीवन को खुशहाल बना सकते हैं। आज श्रावण सोमवार है। आज के दिन इन उपायों को करने से आपका दांपत्य जीवन और भी खुशहाल हो जाएगा।</p>
<p>श्रावण में यह उपाय करने से दांपत्य जीवन में आएगी खुशियां<br />
यदि दाम्पत्य जीवन में आ रही परेशानियां दूर करनी हैं तो श्रावण सोमवार के दिन पति-पत्नी को शिवलिंग का पंचामृत से अभिषेक करना चाहिए। इससे दोनों के बीच प्यार बढ़ेगा और दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा।</p>
<p>श्रावण सोमवार के दिन दम्पति शाम को शिव के सामने गाय के घी का दीपक जलाएं और साथ में शिव चालीसा का पाठ करें। इसलिए दांपत्य जीवन में परेशानियां दूर होने लगती हैं। यह उपाय श्रावण मास में भी किया जा सकता है।</p>
<p>श्रावण सोमवार के दिन शिव पूजा के दौरान पति-पत्नी को 21 चंदन के पत्तों पर &#8216;ॐ नमः शिवाय&#8217; लिखकर शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए। इससे आपसी कटुता खत्म होगी और प्रेम बढ़ेगा। दोनों के बीच के झगड़े कम होंगे।</p>
<p>यदि दाम्पत्य जीवन में कोई समस्या आ रही है, यदि संबंध सुधारने के प्रयास नहीं हो रहे हैं, तो श्रावण सोमवार के दिन शिवलिंग पर केसर मिश्रित दूध चढ़ाएं। इससे पति-पत्नी के बीच विश्वास बढ़ेगा और रिश्ते मजबूत होंगे।</p>
<p>दांपत्य जीवन में कड़वाहट दूर करने के लिए सोमवार को श्रावण के दिन भगवान शिव और माता पार्वती को चावल का हलवा चढ़ाएं। इससे जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं।</p>
<p>यदि आप दाम्पत्य जीवन में खुशियाँ लाना चाहते हैं तो आप दोनों को महादेव के सामने बैठकर ॐ नमः के बिना इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे दोनों के बीच की अनबन दूर हो जाएगी। दुनिया खुशहाल और एकजुट होगी।</p>
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		<title>कुंडली मिलान के बाद भी शादी क्यों नहीं टिकती? जानिए सबसे बड़ी वजह</title>
		<link>https://blesstvlive.com/why-marriage-doesnt-last-even-after-matching-kundli/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 23 Jul 2022 07:00:55 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bless]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय समझ में विवाह दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन है। घर-परिवार देखने के बाद कुंडली मिलान को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि भावी दंपत्ति का दाम्पत्य जीवन सुखमय और सुखमय हो। किसी व्यक्ति की कुंडली में 36 में से कितने अंक मिलते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण है।...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>भारतीय समझ में विवाह दो व्यक्तियों का नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन है। घर-परिवार देखने के बाद कुंडली मिलान को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसका उद्देश्य यह है कि भावी दंपत्ति का दाम्पत्य जीवन सुखमय और सुखमय हो। किसी व्यक्ति की कुंडली में 36 में से कितने अंक मिलते हैं यह बहुत महत्वपूर्ण है। यदि 18 से अधिक अंक सुमेलित हों तो कुण्डली सुमेलित कहलाती है। हालांकि, कई जोड़ों की शादियां कुंडली मिलान के बावजूद ज्यादा समय तक नहीं टिक पाती हैं। कई जोड़ों में लगातार झगड़े और शिकायतें होती हैं। हम यह जानने जा रहे हैं कि वास्तव में इसका क्या कारण है।</p>
<p>यदि कुंडली मिलान के बावजूद भी दंपत्ति के बीच झगड़ा होता है तो इसके पीछे ग्रह भी होते हैं। वैदिक तरीके से नक्षत्र, गण, नाड़ी आदि का मिलान किया जाता है। इस अनुष्ठान में वर और वधू के जन्म समय का मिलान किया जाता है और परिणामों की गणना की जाती है। वास्तविक कुंडली मिलान दार्शनिक दृष्टि से नहीं किया जाता है। वर-वधू की कुंडली का पहला भाव लग्नेश, दूसरा घर सूखा, पंचमेश, पंचमेश, सप्तम और सप्तमेश, अष्टम और अष्टमेश के साथ-साथ बारहवें भाव और द्वादशेश की विशेष जांच करनी चाहिए।</p>
<p>&nbsp;</p>
<p>किस कीमत की जाँच की जानी चाहिए?<br />
किसी व्यक्ति की मानसिकता और स्वभाव को जन्म कुंडली में प्रथम भाव और लग्नेश से जाना जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति का लग्नेश समान नहीं है, तो उसका सोचने का तरीका बहुत अलग होगा।</p>
<p>कुंडली के दूसरे भाव से किसी व्यक्ति की पसंद और पसंद को समझा जा सकता है। यदि ये मेल नहीं खाते हैं, तो वरीयताएँ भिन्न होती हैं, जो संघर्ष का कारण बनती हैं। ऐसे में इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।</p>
<p>पंचम भाव और पंचम भाव प्रेम, आकर्षण, सफलता और विपत्ति की जानकारी देते हैं। पंचम भाव व्यक्ति के मामलों और लव-रोमांस की जानकारी देता है। जबकि पंचम भाव नौकरी, व्यापार और धन की जानकारी देता है। इन दोनों का मिलान वर और वधू की कुंडली से होना चाहिए। वर और वधू की वृद्धि का स्तर समान होना चाहिए। पंचम भाव व्यक्ति के आपदा पक्ष और धार्मिक झुकाव की जानकारी देता है। एक सफल विवाह के लिए धार्मिक प्रवृत्तियों का विश्लेषण भी आवश्यक है। पति-पत्नी का यह मेल भी जरूरी है।</p>
<p>सप्तम भाव और कुंडली के सप्तमेश से पति-पत्नी के संबंधों का अध्ययन किया जाता है। यह भावना आपसी सहिष्णुता और एक दूसरे के प्रति प्रेम को दर्शाती है। अगर यह मेल नहीं खाता है, तो रिश्ता टूट जाता है।</p>
<p>सप्तमांश वर्ग कुंडली किसी की वैवाहिक साझेदारी और विवाह के अस्तित्व के साथ-साथ संसती सुख के बारे में किसी के विचारों के बारे में जानकारी देती है।</p>
<p>अष्टम भाव और अष्टमेश को काम, रोमांटिक सुख और व्यक्ति की उम्र के लिए देखा जाता है। दांपत्य जीवन के लिए कौन सा मिलान बहुत जरूरी है। अगर आपको ये मूल्य नहीं मिलेंगे तो दाम्पत्य जीवन में सुख नहीं मिलेगा।</p>
<p>नवांश कुंडली बताती है कि व्यक्ति का वैवाहिक जीवन कितने समय तक चलेगा। नवमांश वर्ग कुंडली से यह देखा जाता है कि जीवनसाथी का साथ कैसा रहेगा और जीवन साथी से कितनी खुशी मिलेगी।</p>
<p>किसी व्यक्ति के कार्य मामलों और भौतिक हितों को बारहवें घर और द्वादशेश से देखा जाता है। यदि यह मेल नहीं खाता है, तो व्यक्ति विवाहेतर संबंध में चला जाता है।<br />
कुंडली मिलान के साथ-साथ उपरोक्त सभी भावों का मिलान भी बहुत जरूरी है।</p>
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