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	<title>Heart Disease &#8211; Bless TV</title>
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	<title>Heart Disease &#8211; Bless TV</title>
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		<title>रोजाना धूम्रपान करने से दिमाग पर पड़ता है असर, शोधकर्ताओं ने चौंकाने वाला किया दावा</title>
		<link>https://blesstvlive.com/daily-smoking-affects-the-brain-researchers-make-shocking-claim/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 May 2023 11:05:14 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुंबई: धूम्रपान, शराब पीना सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है. धूम्रपान जैसे व्यसनों से कैंसर, दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान करने से फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है। दरअसल, इन सभी बातों को जानने के बावजूद भी कई लोग नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं। आजकल स्मोकिंग और...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई:</strong> धूम्रपान, शराब पीना सेहत के लिए खतरनाक माना जाता है. धूम्रपान जैसे व्यसनों से कैंसर, दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। धूम्रपान करने से फेफड़ों पर बुरा असर पड़ता है। दरअसल, इन सभी बातों को जानने के बावजूद भी कई लोग नियमित रूप से धूम्रपान करते हैं। आजकल स्मोकिंग और ड्रिंकिंग का फैशन हो गया है। इसे नजरअंदाज कर दिया जाता है क्योंकि इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। धूम्रपान के दुष्प्रभावों पर आज तक कई बार शोध किया जा चुका है। इस लत के खतरे स्पष्ट हो गए हैं। इसी सिलसिले में एक नया शोध चौंकाने वाला निष्कर्ष लेकर आया है। नए शोध से पता चलता है कि धूम्रपान मस्तिष्क पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। आइए इस शोध के निष्कर्षों के बारे में विस्तार से जानते हैं।</p>
<p>हम जानते हैं कि धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह लत कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। इससे फेफड़े बुरी तरह प्रभावित होते हैं। लेकिन अब इस संबंध में एक नया शोध किया गया है। धूम्रपान से मस्तिष्क को नुकसान हो सकता है। शोध से पता चला है कि अगर आप रोजाना धूम्रपान करते हैं तो दिमाग का आकार कम हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि धूम्रपान तुरंत बंद कर दिया जाए।</p>
<p>धूम्रपान को हमेशा के लिए छोड़ने के लिए जरूरी है कि दिमाग और शरीर को बिना सिगरेट के जीने का आदी बनाया जाए। इसके लिए आप निकोटीन पैच का इस्तेमाल कर सकते हैं। धूम्रपान छोड़ने के कारणों की सूची बनाएं। इसके लिए नियमित व्यायाम फायदेमंद होता है। पता लगाएँ कि धूम्रपान के लिए आपके ट्रिगर्स क्या हैं और उनसे बचने की कोशिश करें। धूम्रपान करने की इच्छा को दूर रखने के लिए खुद को गतिविधियों में शामिल करना महत्वपूर्ण है।</p>
<p>नए शोध के मुताबिक, धूम्रपान न करने वालों की तुलना में रोजाना धूम्रपान करने वालों का दिमाग 0.4 क्यूबिक इंच छोटा होता है। इसके लिए शोधकर्ताओं ने यूके बायोबैंक में लोगों के ब्रेन स्कैन और उनकी धूम्रपान की आदतों का विश्लेषण किया। इस शोध में प्रतिभागियों का 2006 से 2010 और 2012 से 2013 के बीच सर्वेक्षण किया गया था। दूसरे चरण में उनका एमआरआई किया गया। एमआरआई परीक्षणों से पता चला कि जिन लोगों ने कभी धूम्रपान नहीं किया था उनके मस्तिष्क का आकार सामान्य था। इस टेस्ट में धूम्रपान करने वालों के दिमाग का ग्रे एरिया 0.3 क्यूबिक इंच और व्हाइट एरिया 0.1 क्यूबिक इंच कम हुआ।</p>
<p>मस्तिष्क का ग्रे क्षेत्र भावनाओं, स्मृति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जबकि सफेद भाग सूचनाओं के आदान-प्रदान का कार्य करता है। लंबे समय तक धूम्रपान करने से मस्तिष्क के सिकुड़ने पर गहरा असर देखा गया है। लेकिन जिन लोगों ने इस आदत को छोड़ दिया उनके ब्रेन मास में उलटी गिरावट देखी गई। मेडरिस्क के शोध में पाया गया कि धूम्रपान न करने वालों के दिमाग में ग्रे मैटर में 0.005 क्यूबिक इंच की वृद्धि हुई। इसकी अभी तक सहकर्मी समीक्षा नहीं की गई है।</p>
<p>इस बीच, सेरेब्रल एट्रोफी या मस्तिष्क का सिकुड़ना उम्र के साथ होता है। इसके कुछ लक्षण मरीज में नजर आते हैं। इनमें मांसपेशियों पर नियंत्रण की कमी, धुंधली दृष्टि, भटकाव, मांसपेशियों में कमजोरी, अल्जाइमर रोग, समन्वय की कमी शामिल हैं। इसलिए धूम्रपान छोड़ना जरूरी है। इससे मस्तिष्क संबंधी विकारों के जोखिम को कम किया जा सकता है।</p>
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		<title>आसानी से कंट्रोल होगा ब्लड शुगर, बस इन फूड्स को डाइट में करें शामिल</title>
		<link>https://blesstvlive.com/blood-sugar-will-be-easily-controlled-just-include-these-foods-in-the-diet/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 02 May 2023 11:23:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Health]]></category>
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					<description><![CDATA[मधुमेह एक गंभीर बीमारी है जो शरीर में जटिलताओं का कारण बनती है। हाल के दिनों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना जरूरी होता है। इसके लिए डाइट में बदलाव करना जरूरी है। आहार में कुछ खाद्य पदार्थों को अनिवार्य रूप...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>मधुमेह एक गंभीर बीमारी है जो शरीर में जटिलताओं का कारण बनती है। हाल के दिनों में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। डायबिटीज में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखना जरूरी होता है। इसके लिए डाइट में बदलाव करना जरूरी है। आहार में कुछ खाद्य पदार्थों को अनिवार्य रूप से शामिल करने से ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रण में रखने में मदद मिलती है।</p>
<p>ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए ब्लूबेरी, खट्टे फल, चॉकलेट आदि को शामिल किया जाता है. इसके अलावा कुछ और खाद्य पदार्थ इसके लिए काम आ सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में।</p>
<p>डायबिटीज के मरीजों के ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करना जरूरी होता है। इससे अन्य बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए डाइट में कुछ फूड्स को शामिल करना जरूरी है।</p>
<p>संतृप्त और ट्रांस वसा के बजाय, मधुमेह रोगियों को स्वस्थ असंतृप्त वसा वाले तेल के रूप में जैतून के तेल का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, टाइप-2 मधुमेह के रोगियों के स्वास्थ्य में इस प्रकार की वसा अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।</p>
<p>दैनिक आहार में ब्लूबेरी सहित कार्बोहाइड्रेट प्रदान कर सकते हैं। शोध से पता चला है कि ब्लूबेरी या जामुन के नियमित सेवन से इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार होता है।</p>
<p>चना, फलियां और दाल में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है। तो ये मधुमेह रोगियों के लिए सबसे अच्छा विकल्प हैं। फलियां खाने से रोगियों में रक्त शर्करा के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।</p>
<p>संतरा, अंगूर, नींबू जैसे खट्टे फलों को डाइट में शामिल करना जरूरी है। क्योंकि शोध से पता चला है कि इसका रक्त शर्करा और कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।</p>
<p>कुछ शोधों से पता चला है कि मधुमेह के रोगी जो प्रतिदिन अच्छी गुणवत्ता वाली डार्क चॉकलेट की थोड़ी मात्रा भी खाते हैं, वे अपने उपवास इंसुलिन के स्तर और रक्तचाप को कम कर सकते हैं।</p>
<p>डायबिटीज के मरीजों के लिए भी कुछ मसाले फायदेमंद हो सकते हैं। दालचीनी को आहार में शामिल करने से इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ जाती है और इस प्रकार यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।</p>
<p>हर हफ्ते अपने आहार में बादाम और नट बटर को शामिल करने से टाइप-2 मधुमेह वाली महिलाओं में हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा कम हो सकता है।</p>
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		<title>शरीर के इन 5 हिस्सों में दर्द हो सकता है दिल की बीमारी का संकेत! नज़रअंदाज़ बिल्कुल न करें</title>
		<link>https://blesstvlive.com/pain-in-these-5-parts-of-the-body-can-be-a-sign-of-heart-disease-dont-ignore-at-all/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 16 Mar 2023 05:08:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Health]]></category>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 16 मार्च : हमारे शरीर की बनावट ही ऐसी है कि शरीर में किसी भी तरह की समस्या होने पर उसके लक्षण पहले से ही नजर आने लगते हैं। दिल की बीमारियों की बात करें तो इसके कई लक्षण होते हैं, जिन्हें दिल की बीमारी की संभावना देखकर ही महसूस किया जा सकता है।...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई, 16 मार्च :</strong> हमारे शरीर की बनावट ही ऐसी है कि शरीर में किसी भी तरह की समस्या होने पर उसके लक्षण पहले से ही नजर आने लगते हैं। दिल की बीमारियों की बात करें तो इसके कई लक्षण होते हैं, जिन्हें दिल की बीमारी की संभावना देखकर ही महसूस किया जा सकता है। हृदय हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। आजकल लोगों को कम उम्र में ही दिल की बीमारी हो रही है। इसके पीछे की वजह है अनियंत्रित लाइफस्टाइल और गलत खान-पान।</p>
<p>आमतौर पर सीने में दर्द को दिल से जुड़ी बीमारियों का लक्षण माना जाता है, लेकिन शरीर के दूसरे हिस्सों में दर्द होना भी दिल की बीमारी का लक्षण हो सकता है। हृदय रोगों के शीघ्र निदान से उचित उपचार हो सकता है और रोगियों के भविष्य के जोखिम को बहुत कम किया जा सकता है।  हार्ट अटैक के दौरान अलग-अलग तरह के लक्षण होते हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।</p>
<p>कोरोनरी हृदय रोग के लक्षण</p>
<p>कोरोनरी धमनी रोग हृदय की एक बहुत ही सामान्य स्थिति है, जो मुख्य रूप से हृदय की मांसपेशियों को रक्त की आपूर्ति करने वाली रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करती है। रक्त वाहिकाओं में कोलेस्ट्रॉल का संचय आमतौर पर कोरोनरी धमनी रोग के रूप में जाना जाता है। कोरोनरी धमनी रोग के निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं।</p>
<p>&#8211; सीने में दर्द, सीने में जकड़न, दबाव और सीने में तकलीफ।</p>
<p>&#8211; सांस लेने में कठिनाई</p>
<p>&#8211; गला, जबड़ा, गर्दन, ऊपरी पेट या पीठ</p>
<p>&#8211; बाहों और पैरों में धमनीकाठिन्य दर्द, थकान, कमजोरी या ठंडक।</p>
<p>अनियमित दिल की धड़कन के कारण हृदय रोग के लक्षण</p>
<p>&#8211; सीने में दर्द और बेचैनी</p>
<p>&#8211; चक्कर आना</p>
<p>&#8211; चक्कर आना</p>
<p>&#8211; छाती में फड़कना</p>
<p>&#8211; तेज़ दिल की धड़कन (टैचीकार्डिया)</p>
<p>&#8211; सांस लेने में दिक्क्त</p>
<p>&#8211; धीमी गति से हृदय गति (ब्रैडीकार्डिया)</p>
<p>जन्मजात हृदय रोग से हृदय रोग के लक्षण</p>
<p>&#8211; पीली गुलाबी या नीली त्वचा या होंठ (सायनोसिस)</p>
<p>&#8211; टांगों, पेट और आंखों के आसपास सूजन</p>
<p>&#8211; नवजात शिशु को दूध पिलाते समय सांस लेने में दिक्कत होती है</p>
<p>कार्डियोमायोपैथी के कारण हृदय रोग के लक्षण</p>
<p>&#8211; चक्कर आना, सिर दर्द और बेहोशी</p>
<p>&#8211; थकान</p>
<p>&#8211; व्यायाम या आराम के दौरान सांस फूलना</p>
<p>&#8211; रात को सोते समय सांस लेने में दिक्कत होना</p>
<p>&#8211; दिल की अनियमित धड़कन</p>
<p>&#8211; पैरों, घुटनों और पंजों में सूजन</p>
<p>हृदय वाल्व के कारण हृदय रोग के लक्षण</p>
<p>&#8211; छाती में दर्द</p>
<p>&#8211; चक्कर आना</p>
<p>&#8211; थकान</p>
<p>&#8211; दिल की अनियमित धड़कन</p>
<p>&#8211; सांस लेने में कठिनाई</p>
<p>&#8211; पैरों, घुटनों में सूजन</p>
<p>5 भागों में दर्द हो तो सावधान हो जाएं</p>
<p>हृदय रोग के कई लक्षण होते हैं। लेकिन कभी-कभी लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि वे हृदय रोग से संबंधित हो सकते हैं। भविष्यवाणी करना मुश्किल है। गले में खराश, जबड़े में दर्द, गर्दन में दर्द और पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द भी हृदय रोग का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही कमर दर्द और हाथ-पैर ठंडे होना भी हृदय रोग का संकेत हो सकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>थायराइड है तो शरीर में होते हैं ये बदलाव, भूल से भी न करें नजरअंदाज</title>
		<link>https://blesstvlive.com/if-there-is-thyroid-then-these-changes-happen-in-the-body-do-not-ignore-it-even-by-mistake/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 May 2022 07:57:32 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हाल ही में, जीवन शैली में एक नाटकीय परिवर्तन आया है। बदलती जीवनशैली, खराब खान-पान और तनाव के कारण कई लोग कम उम्र में ही हृदय रोग और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। घर के खाने के बजाय बाहर का खाना, फास्ट फूड खाने का चलन बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हाल ही में, जीवन शैली में एक नाटकीय परिवर्तन आया है। बदलती जीवनशैली, खराब खान-पान और तनाव के कारण कई लोग कम उम्र में ही हृदय रोग और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। घर के खाने के बजाय बाहर का खाना, फास्ट फूड खाने का चलन बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि शारीरिक समस्याओं के बढ़ने के पीछे यह भी मुख्य कारण है। हृदय रोग और मधुमेह के साथ-साथ थायराइड की समस्या भी बढ़ रही है। दरअसल शरीर में रोग के पहले लक्षण दिखाई देते हैं। थायराइड विकार कोई अपवाद नहीं हैं। इसलिए, यदि शरीर में कोई असामान्य परिवर्तन देखा जाता है या ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत चिकित्सा उपचार की तलाश करना आवश्यक है। Zee News Hindi ने इस बात की जानकारी देते हुए एक रिपोर्ट प्रकाशित की है।</p>
<p>थायराइड से संबंधित रोग शरीर में परिवर्तन का कारण बनते हैं। थायराइड गले में स्थित एक ग्रंथि है। शरीर में मेटाबॉलिज्म को इसी ग्रंथि द्वारा नियंत्रित किया जाता है। हमारे द्वारा खाए जाने वाले भोजन को ऊर्जा में बदलने के लिए ग्रंथियां काम करती हैं। यह ग्रंथि बढ़ने पर समस्या उत्पन्न हो सकती है। इससे शरीर में साइड इफेक्ट हो सकते हैं। इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण एक साथ नहीं दिखते।</p>
<p>थायराइड की समस्या वाले व्यक्ति को आमतौर पर सोने में कठिनाई होती है। थायराइड खराब होने पर गले में गांठ हो जाती है। इससे गर्दन बड़ी दिखाई देती है। इससे बोलने में दिक्कत होती है और गले में खराश होती है। थायराइड से संबंधित विकार चयापचय को प्रभावित करते हैं। तो ऊर्जा कम महसूस होती है। नतीजतन, संबंधित व्यक्ति को दर्द और थकान महसूस होने लगती है। साथ ही गर्दन के आसपास की त्वचा काली पड़ने लगती है।</p>
<p>बार-बार कब्ज होना भी थायरॉइड का एक लक्षण है। इसके कारण कुछ लोगों को अत्यधिक भूख लगती है, जबकि अन्य का वजन बढ़ जाता है। यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह और उपचार लें।</p>
<p>बार-बार होने वाले डर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे समस्याएं हो सकती हैं। बार-बार घबराहट होना भी थायरॉइड का लक्षण हो सकता है। कुछ लोग डर के कारण पसीने से तर हो जाते हैं। यदि यह उपचार के साथ नहीं सुधरता है, तो तुरंत डॉक्टर को देखना महत्वपूर्ण है। थायराइड से संबंधित किसी भी लक्षण को समग्र रूप से अनदेखा करने से भविष्य में गंभीर बीमारी हो सकती है। इसलिए, निदान, परामर्श और उपचार की तत्काल आवश्यकता है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>हार्ट अटैक के खतरे को दूर करने के लिए इन फलों को डाइट में शामिल करें</title>
		<link>https://blesstvlive.com/include-these-fruits-in-your-diet-to-reduce-the-risk-of-heart-attack/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 17 May 2022 07:28:21 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[आज के बदलते लाइफस्टाइल में हमारा स्वास्थ्य थोड़ा मुश्किल हो गया है। हृदय रोग से पीड़ित लोगों को भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। उन्हें समय पर रहने, उचित पोषण प्राप्त करने, पर्याप्त नींद लेने की आवश्यकता है। दिल के मरीजों को ऐसे ही अपना ख्याल रखने की जरूरत है। ऐसा इसलिए है क्योंकि...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज के बदलते लाइफस्टाइल में हमारा स्वास्थ्य थोड़ा मुश्किल हो गया है। हृदय रोग से पीड़ित लोगों को भी विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। उन्हें समय पर रहने, उचित पोषण प्राप्त करने, पर्याप्त नींद लेने की आवश्यकता है। दिल के मरीजों को ऐसे ही अपना ख्याल रखने की जरूरत है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक बार दिल का दौरा पड़ने के बाद मरीजों को अपने खान-पान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है ताकि इसकी पुनरावृत्ति न हो। इसलिए जरूरी है कि सही समय पर खाने से लेकर आहार में फलों और सब्जियों के सेवन पर ध्यान दिया जाए। तो आइए जानने की कोशिश करते हैं कि मरीजों को कौन से फल खाने चाहिए। जिससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है और शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित रहता है।</p>
<p>अंगूर भी हैं फायदेमंद</p>
<p>अंगूर दिल के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। अंगूर पॉलीफेनोल और फेनोलिक एसिड में उच्च होते हैं। जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखता है। फल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।</p>
<p>आहार में शामिल होना चाहिए बेरी</p>
<p>जिन लोगों को पहले से ही दिल का दौरा पड़ चुका है, उन्हें अपने आहार में नियमित रूप से बेरी को शामिल करना चाहिए। इसका सेवन दिल को सुरक्षित रखता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तनाव को कम करते हैं।</p>
<p>दिल के मरीजों के लिए फायदेमंद है सेब</p>
<p>दिल के मरीज सेब को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। सेब खाने से आपके कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। सेब को हृदय रोग के लिए रामबाण औषधि माना जाता है। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर या हार्ट ब्लॉकेज जैसी समस्या है उन्हें रोजाना एक सेब जरूर खाना चाहिए।</p>
<p>दिल को सुरक्षित रखेगा रसभरी</p>
<p>इसके अलावा रास्पबेरी दिल के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। यह छोटा दिखने वाला फल जीभ पर रखने पर आसानी से घुल जाता है। शोध से पता चला है कि रसभरी खाने से दिल तक खून पहुंचाने वाली नसें स्वस्थ रहती हैं। इससे हार्ट अटैक का खतरा कम होता है।</p>
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