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	<title>ganesh chaturthi &#8211; Bless TV</title>
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	<title>ganesh chaturthi &#8211; Bless TV</title>
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		<title>मनोकामना पूर्ति के लिए विनायक चतुर्थी पर करें इन मंत्रों का जाप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Apr 2023 05:38:46 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[मुंबई, 22 अप्रैल: विनायक चतुर्थी के दिन लोग व्रत रखते हैं और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करते हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान गणेश की कृपा से सभी संकट दूर हो जाते हैं। मनोकामना पूर्ति के लिए कुछ प्रभावशाली मंत्र आर्थिक संपन्नता के लिए आर्थिक संकट दूर करने और मां लक्ष्मी...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p><strong>मुंबई, 22 अप्रैल:</strong> विनायक चतुर्थी के दिन लोग व्रत रखते हैं और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करते हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान गणेश की कृपा से सभी संकट दूर हो जाते हैं।</p>
<p>मनोकामना पूर्ति के लिए कुछ प्रभावशाली मंत्र</p>
<p>आर्थिक संपन्नता के लिए</p>
<p>आर्थिक संकट दूर करने और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन गणपति कुबेर मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए।</p>
<p>मंत्र &#8211; ॐ नमो गणपत्ये कुबेर येकाद्रिको फट् स्वाहा।</p>
<p>कार्य में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए</p>
<p>किसी भी कार्य में बाधा आ रही हो तो विनायक चतुर्थी के दिन इस मंत्र का जाप करें। माना जा रहा है कि कामकाज में आ रही दिक्कतें दूर होंगी।</p>
<p>मंत्र &#8211; ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम संकटं निवारय-निवारय स्वाहा।</p>
<p>पारिवारिक मतभेदों पर</p>
<p>परिवार में कलह रहता हो तो गणेश जयंती के दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है।</p>
<p>मंत्र &#8211; ॐ ग्लौम गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरू गणेश। ग्लौम गणपति, ऋद्धि पति, सिद्धि पति। करों दूर क्लेश।। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।&#8217;</p>
<p>शत्रु पर विजय के लिए</p>
<p>विनायक चतुर्थी के दिन शुभ योग में भगवान गणेश के शाबर मंत्र का जाप करने से शत्रु पर विजय प्राप्त होती है।</p>
<p>मंत्र &#8211; ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>विनायक चतुर्थी पर कई शुभ योगों का योग, मनोकामना पूर्ति के लिए करें इन मंत्रों का जाप</title>
		<link>https://blesstvlive.com/yoga-of-many-auspicious-yogas-on-vinayaka-chaturthi-chant-these-mantras-to-fulfill-your-wishes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 23 Feb 2023 05:11:28 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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					<description><![CDATA[विनायक चतुर्थी हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 23 फरवरी को है। विनायक चतुर्थी पर, लोग व्रत रखते हैं और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करते हैं। इस समय विनायक चतुर्थी व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि के साथ चार शुभ योग...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>विनायक चतुर्थी हर महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 23 फरवरी को है। विनायक चतुर्थी पर, लोग व्रत रखते हैं और विघ्नहर्ता भगवान गणेश की पूजा करते हैं। इस समय विनायक चतुर्थी व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि के साथ चार शुभ योग बनते हैं, इसलिए इस दिन पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत और पूजा करने से भगवान गणेश की कृपा से सभी संकट दूर हो जाते हैं।</p>
<p>विनायक चतुर्थी 2023 : तिथि व समय फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 23 फरवरी को प्रातः 03:24 बजे होगा और इस तिथि का समापन अगले दिन 24 फरवरी, शुक्रवार को प्रातः 01:33 बजे होगा. विनायक चतुर्थी व्रत 23 फरवरी, गुरुवार को उदयतिथि के अवसर पर रखा जाएगा। विनायक चतुर्थी पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 26 मिनट से दोपहर 01 बजकर 43 मिनट तक है। भक्तों को इस समय विधिपूर्वक भगवान गणपति की पूजा करनी चाहिए। इस साल विनायक चतुर्थी व्रत के दिन सर्वार्थ सिद्धि के साथ चार शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन सुबह से शुभ योग बना हुआ है, जो रात 08 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। उसके बाद शुक्ल योग शुरू होगा, जो पूरी रात रहेगा।</p>
<p>मनोकामना पूर्ति के लिए कुछ प्रभावी मंत्र आर्थिक समृद्धि के लिए आर्थिक तंगी दूर करने और मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए इस दिन गणपति कुबेर मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। मंत्र &#8211; ॐ नमो गणपत्ये कुबेर येकाद्रिको फट् स्वाहा।</p>
<p>कार्य में आ रही बाधा दूर करने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन इस मंत्र का जाप करें। माना जा रहा है कि कामकाज में आ रही दिक्कतें दूर होंगी। मंत्र &#8211; ॐ नमो हेरम्ब मद मोहित मम संकटं निवारय-निवारय स्वाहा।</p>
<p>पारिवारिक मतभेद के कारण घर में झगड़ा हो रहा हो तो गणेश जयंती के दिन इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे परिवार में सुख-समृद्धि आती है। मंत्र &#8211; ॐ ग्लौं गौरी पुत्र, वक्रतुंड, गणपति गुरु गणेश। ग्लौम गणपति, रिद्धि पति, सिद्धि पति। परेशानी दूर करें। ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गम गणपत्ये वर वरदा सर्वजनम मे वाष्मनाय स्वाहा।&#8217;</p>
<p>शत्रु पर विजय के लिए विनायक चतुर्थी के दिन शुभ योग में गणेश जी के शाबर मंत्र का जाप करने से शत्रु पर विजय प्राप्त होती है। मंत्र &#8211; ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपत्ये वर वरदा सर्वजनम मे वाष्मनाय स्वाहा।</p>
<p>&nbsp;</p>
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		<title>माघी गणेश जयंती 2022 पूजा विधि और मुहूर्त</title>
		<link>https://blesstvlive.com/maghi-ganesh-jayanti-2022-worship-method-and-muhurta/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 29 Jan 2022 09:44:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Lifestyle]]></category>
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		<category><![CDATA[ganesh chaturthi]]></category>
		<category><![CDATA[ganesh chaturthi date 2021]]></category>
		<category><![CDATA[ganesh chaturthi greetings]]></category>
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					<description><![CDATA[कोई भी शुभ कार्य करने से पहले गणपति की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार गणपति का जन्म माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, माता पार्वती ने शरीर के मल से भगवान गणेश की रचना की थी। वह दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>कोई भी शुभ कार्य करने से पहले गणपति की पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार गणपति का जन्म माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ था। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, माता पार्वती ने शरीर के मल से भगवान गणेश की रचना की थी। वह दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि थी। ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करता है, उसे दिव्य आनंद की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस साल गणेश जयंती 4 फरवरी शुक्रवार को मनाई जाएगी। माघी गणेश चतुर्थी को माघ विनायक चतुर्थी या तिलकुंड चतुर्थी भी कहा जाता है।</p>
<p>गणेश जयंती 2022 तिथि और पूजा का क्षण</p>
<p>चौथी तारीख शुरू– शुक्रवार, 4 फरवरी, शाम 4:38 बजे से।<br />
चौथी तिथि समाप्त– शनिवार, 5 फरवरी, दोपहर 3:47 बजे से।<br />
शुभ क्षण शुक्रवार, 4 फरवरी, सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:41 बजे तक।<br />
कुल अवधि- 2 घंटे 11 मिनट<br />
योग- गणेश जयंती के लिए दो शुभ योग हैं। 4 फरवरी को सुबह 7:00 बजे से रात 8:58 बजे तक रवि योग है और फिर शाम 7:00 बजे से रात 10:00 बजे तक शिव योग है।<br />
गणेश जयंती श्लोक और मंत्र</p>
<p>वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटी सम्प्रभ | निर्विघ्नं कुरु में देव सर्वकार्येशु सर्वदा ||<br />
एकदंतं महाकायं लम्बोदरगजाननम्। विद्रणनारं देवं हेरम्बं प्रंमम्॥<br />
विघ्नाय वरदाय सुरप्रियाय लंबेश्वर सकलाय जगद्धितायं। मोनानाय श्रुतज्ञविज्ञात गौरी सुताय गणना नथ नमस्ते॥<br />
गजानं भूतगणादिसे कपिथजम्बूफलचारु भौक्षणम्।<br />
रक्ष रक्ष गण गण<br />
केयूरिणंकिरीटजुष्ट चतुर्भुजं पारभयानिं। शृणिं हेनतं गणपं त्रिनेत्रं सचामरस्त्रीयुगओलिया टाइटम्॥<br />
अभ्यर्थर्थ सिद्ध्यार्थं पूजितो यः सुरासुरायः .सर्वविघ्नच्छिदे तस्मे गणाधिपतये नमः॥<br />
यतो बुद्धिज्ञाननाशो मुमुक्षो: यतः सम्पदो भक्तसंतोषिका: सु:।<br />
मुशिकावाहन मोदखस्त चमरकर्ण विलंबित सूत्र वामनरूप महेश्वरपुत्र विघ्नविनायक पाद नमस्ते।<br />
रथ सप्तमी 2022: रथ सप्तमी पर कैसे करें सूर्य देव की पूजा? जानें अनुष्ठान, क्षण और महत्व</p>
<p>गणपति स्तोत्र<br />
प्रमम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम् ।भक्तावा स्मिर्नित्यं आयुःकामार्थ सिद्धये॥ 1<br />
प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदंतं आईकम् ।तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्॥ 2<br />
लम्बोदरं पंचामं च .सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्णं औरष्टमम्॥ 3<br />
नवम भालचंद्रं च दशमं तू विनायकम् ।एकादशं गणपतिं द्वादशं तू गजाननम्॥ 4<br />
द्वादशेतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः ।न च विघ्नभयं तस्य सर्व सिद्धिकरं प्रभुः॥ 5<br />
छात्र शिक्षा चाहते हैं, धन चाहने वाले धन पाते हैं। 6<br />
जपद्गणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासाः फलं लभेत ।संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशयः॥ 7<br />
अष्टेभ्यो ब्राह्मणेभ्यः यः समापर्येत्त्व।तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसाद सर्वो 8॥</p>
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