<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Durga Ashtami 2022 &#8211; Bless TV</title>
	<atom:link href="https://blesstvlive.com/tag/durga-ashtami-2022/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://blesstvlive.com</link>
	<description>Faith and Lifestyle channel</description>
	<lastBuildDate>Mon, 03 Oct 2022 05:14:04 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	

<image>
	<url>https://blesstvlive.com/storage/2018/04/favicon-1.png</url>
	<title>Durga Ashtami 2022 &#8211; Bless TV</title>
	<link>https://blesstvlive.com</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>दुर्गा अष्टमी पर करें ये काम, प्रसन्न होंगी मां दुर्गा, सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी</title>
		<link>https://blesstvlive.com/do-this-work-on-durga-ashtami-mother-durga-will-be-pleased-all-wishes-will-be-fulfilled/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 03 Oct 2022 05:14:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Lifestyle]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Ashtami 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Ashtami Puja]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Ashtami Puja Vidhi]]></category>
		<category><![CDATA[Festival 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Maa Durga]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Shardiya Navratri 2022]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://blesstvlive.com/?p=17062</guid>

					<description><![CDATA[शारदीय नवरात्रि महोत्सव पूरे देश में  उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज (3 अक्टूबर) नवरात्रि का आठवां दिन यानि दुर्गा अष्टमी है। दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। जिन घरों में अष्टमी की पूजा होती है, वहां दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन के साथ व्रत तोड़ा...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शारदीय नवरात्रि महोत्सव पूरे देश में  उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज (3 अक्टूबर) नवरात्रि का आठवां दिन यानि दुर्गा अष्टमी है। दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। जिन घरों में अष्टमी की पूजा होती है, वहां दुर्गा अष्टमी पर कन्या पूजन के साथ व्रत तोड़ा जाता है। माना जाता है कि अष्टमी पूजा के बाद कन्या की पूजा करने से देवी प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। धार्मिक दृष्टि से दुर्गा अष्टमी का दिन बहुत ही शुभ होता है। इस दिन कुछ काम करने से देवी प्रसन्न होती हैं।</p>
<p>दुर्गाष्टमी पर करें ये उपाय<br />
हवन : दुर्गा अष्टमी के दिन हवन करना शुभ माना जाता है। हवन करने से देवी दुर्गा प्रसन्न होती हैं और घर का वातावरण भी शुद्ध होता है। ऐसा माना जाता है कि यज्ञ करने से घर से सारी नकारात्मकता दूर हो जाती है। यह भी धार्मिक रूप से माना जाता है कि हवन करने से देवी दुर्गा की कृपा मिलती है और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हवन करने से दुर्गाष्टमी का व्रत पूर्ण माना जाता है।</p>
<p>कन्या पूजन: छोटी कन्याओं को देवी का प्रतीक माना जाता है। इसलिए नवरात्रि पर्व में कन्या पूजन का बहुत महत्व है। कन्या पूजन के साथ पूजा संपन्न होती है। दुर्गा अष्टमी के दिन 9 कन्याओं की पूजा कर उन्हें भोजन कराना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से देवी प्रसन्न होती हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।</p>
<p>लाल चुनरी : देवी दुर्गा की कृपा पाने के लिए दुर्गा अष्टमी के दिन देवी की पूजा करनी चाहिए और पूजा में देवी को लाल चुनरी अर्पित करनी चाहिए. पूजा के बाद देवी की आरती करवाएं और मंत्रों का जाप भी करें। देवी को लाल चुनरी चढ़ाते समय उसके साथ 5 प्रकार के मेवे भी चढ़ाने चाहिए।</p>
<p>श्रृंगार सामग्री: दुर्गा अष्टमी पर विवाहित महिलाओं को देवी दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए श्रृंगार सामग्री चढ़ानी चाहिए। इन प्रसाद में चांदी के जोडवे, कुंकू, सिंदूर, पैजान, चांदी के सिक्के और चूड़ियां आदि शामिल होने चाहिए।</p>
<p>बट्टाशा प्रसाद: दुर्गाष्टमी के दिन देवी को प्रसन्न करने के लिए पूजा में बत्तशा का भोग लगाना चाहिए। साथ ही देवी को मालपुआ और खीर का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है। इससे भक्तों का भला होता है और उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>दुर्गा अष्टमी कब है? इस साल आ रहा है शुभ योग, जानिए कन्या पूजन का महत्व</title>
		<link>https://blesstvlive.com/when-is-durga-ashtami-auspicious-yoga-is-coming-this-year-know-the-importance-of-girl-worship/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 30 Sep 2022 05:51:13 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Lifestyle]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[durga]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Ashtami]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Ashtami 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Ashtami Date]]></category>
		<category><![CDATA[Durga Ashtami Pooja Vidhi]]></category>
		<category><![CDATA[Kanya Poojan Vidhi]]></category>
		<category><![CDATA[Navratri Festival]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://blesstvlive.com/?p=17050</guid>

					<description><![CDATA[शारदीय नवरात्रि का जश्न इस समय पूरे देश में चल रहा है. नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू होकर 5 अक्टूबर को समाप्त होती है। नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व है। क्योंकि इस...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शारदीय नवरात्रि का जश्न इस समय पूरे देश में चल रहा है. नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू होकर 5 अक्टूबर को समाप्त होती है। नवरात्रि में नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करने से जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं। नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व है। क्योंकि इस दिन कन्या पूजन किया जाता है। विशेष रूप से इस वर्ष दुर्गा अष्टमी अत्यंत शुभ योग के साथ मिल रही है। इस शुभ योग में मां दुर्गा की आराधना अत्यंत फलदायी होगी। आइए जानते हैं अष्टमी तिथि और पूजा का महत्व।</p>
<p>अष्टमी तिथि<br />
हिन्दू पंचांग के अनुसार इस वर्ष महा अष्टमी 3 अक्टूबर को है। इस दिन शोभन योग भी बनाया जा रहा है। शोभन योग 2 अक्टूबर 2022 को शाम 5:14 बजे शुरू होगा और 3 अक्टूबर 2022 को दोपहर 2:22 बजे समाप्त होगा। नवरात्रि की अष्टमी तिथि को महा अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन देवी के गौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। माता गौरी माता पार्वती का अविवाहित रूप है। इस दिन ज्यादातर लोग छोटी बच्चियों को अपने घर बुलाते हैं और उनकी पूजा करते हैं और उन्हें खाना खिलाते हैं और आशीर्वाद देते हैं.</p>
<p>शोभन योग क्या है?<br />
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार किसी भी शुभ कार्य के लिए शुभ मन में शोभन योग जाता है। इस योग में यात्रा करना शुभ होता है। इस योग में यात्रा करने से रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जिन लोगों की कुंडली में शोभन योग होता है उन्हें संतान से सुख मिलता है।</p>
<p>अष्टमी पर करें कन्या पूजन<br />
&#8211; नवरात्रि में विशेष रूप से अष्टमी के दिन कन्या पूजा का विशेष महत्व है।<br />
&#8211; कन्या पूजा में 2 से 9 साल की उम्र की लड़कियों को अपने घर बुलाकर पूजा-अर्चना की जाती है।<br />
&#8211; पूजा से पहले उनके पैर धोए जाते हैं। फिर माथे पर तिलक लगाकर आरती की जाती है। फिर उन्हें खिलाया जाता है।<br />
&#8211; खाने में हलवा, पूरी, प्रसाद, चना परोसा जाता है. अंत में कन्याओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेने की प्रथा है।</p>
<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कन्या पूजन का बहुत महत्व है और ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>
