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	<title>astro-tips &#8211; Bless TV</title>
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		<title>मानसिक शांति और आर्थिक परेशानी के लिए सोमवार के दिन करें यह उपाय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 28 Nov 2022 05:31:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[हिंदू धर्म में सप्ताह के सभी सात दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होते हैं। सप्ताह के प्रत्येक दिन एक अलग भगवान की पूजा की जाती है। माना जाता है कि दिन के अनुसार देवताओं की पूजा करने से भक्तों को शुभ फल मिलते हैं। आज 28 नवंबर सोमवार है और यह दिन देवताओं...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हिंदू धर्म में सप्ताह के सभी सात दिन किसी न किसी देवता को समर्पित होते हैं। सप्ताह के प्रत्येक दिन एक अलग भगवान की पूजा की जाती है। माना जाता है कि दिन के अनुसार देवताओं की पूजा करने से भक्तों को शुभ फल मिलते हैं। आज 28 नवंबर सोमवार है और यह दिन देवताओं के भगवान महादेव को समर्पित है। भगवान शिव को भोलेनाथ के नाम से भी जाना जाता है और माना जाता है कि वे सबसे आसान हैं। इसलिए ऐसा माना जाता है कि सोमवार के दिन इनकी पूजा करने से ये प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसके अलावा सोमवार के दिन कुछ विशेष उपाय करने से लाभ होता है। आइए जानें इन उपायों के बारे में।</p>
<p>सोमवार का उपाय<br />
पेज ऑफर करें<br />
यदि आप भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं तो किसी भी सोमवार को शुक्ल पक्ष में एक पत्ता लाकर उस पत्ते पर चंदन से &#8216;O नमः शिवाय&#8217; लिखें और उसके बाद इस पत्ते को शिवलिंग पर चढ़ाएं और शिवलिंग का जलाभिषेक करें। फिर दूसरे पत्ते पर मक्खन और चीनी की मिठाई डालकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। इस उपाय को करने से जीवन की सभी आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं और मन को शांति मिलती है।</p>
<p>शमी के पत्ते चढ़ाएं<br />
धार्मिक मान्यता के अनुसार बेल पत्र और धतूरे के अलावा शमी के पत्ते भी भगवान शंकर को बहुत प्रिय होते हैं। इसलिए शिवलिंग पर शमी के पत्ते चढ़ाने चाहिए। ऐसा करने से जीवन की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं और भगवान शिव प्रसन्न होकर आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इसके अलावा शमी के पत्ते चढ़ाते समय चंदन का तिलक अवश्य लगाना चाहिए।</p>
<p>दूध चढ़ाएं<br />
यदि नौकरी में संकट आ रहा हो या व्यापार ठीक नहीं चल रहा हो तो सोमवार के दिन शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं। फिर इस दूध को किसी तांबे के बर्तन में लेकर अपने व्यापार या ऑफिस में छिड़क दें। ऐसा करते समय &#8216;O नमः शिवाय&#8217; मंत्र का जाप करें। साथ ही प्रत्येक सोमवार को कम से कम 11 बार &#8216;O नमो धनदया स्वाहा&#8217; मंत्र का जाप करें। शिव मंदिर जाएं और इस मंत्र का जाप करें। इससे आपकी सारी परेशानी दूर हो जाएगी।</p>
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		<title>आज है शीतला सप्तमी, शीतला माता को दिया जाता है बासी भोजन, जानिए व्रत का महत्व और नियम</title>
		<link>https://blesstvlive.com/today-is-sheetla-saptami-sheetla-mata-is-given-stale-food-know-the-importance-and-rules-of-fasting/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 04 Aug 2022 05:23:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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					<description><![CDATA[हिंदू धर्म में शीतला सप्तमी या शीतला अष्टमी को ही शीतला माता को बासी भोजन कराया जाता है। इस दिन महिलाएं नियमानुसार शीतला माता की पूजा करती हैं। माता की कृपा से शीतला को धन और अन्न में वृद्धि होती है और अनेक रोगों से मुक्ति मिलती है। इस दिन घर में ताजा खाना नहीं...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हिंदू धर्म में शीतला सप्तमी या शीतला अष्टमी को ही शीतला माता को बासी भोजन कराया जाता है। इस दिन महिलाएं नियमानुसार शीतला माता की पूजा करती हैं। माता की कृपा से शीतला को धन और अन्न में वृद्धि होती है और अनेक रोगों से मुक्ति मिलती है। इस दिन घर में ताजा खाना नहीं बनाया जाता है।</p>
<p>शीतला सप्तमी 04 अगस्त 2022, गुरुवार को है। शीतला सप्तमी का पूजा मुहूर्त सुबह 06:21 बजे से शाम 06:34 बजे तक है।</p>
<p>शीतला सप्तमी 2022 शुभ मुहूर्त-<br />
सप्तमी तिथि प्रारंभ &#8211; 04 अगस्त, 2022 पूर्वाह्न 02:16 बजे।<br />
सप्तमी तिथि समाप्त &#8211; 05 अगस्त, 2022 मध्यरात्रि 12:09 बजे।</p>
<p>शीतला सप्तमी पर क्या करें और क्या न करें&#8230;<br />
शीतला सप्तमी के एक दिन पहले हर घर में कई तरह के व्यंजन बनाए जाते हैं। इनमें शीरा, पूरी, दही वड़ा, भाजी, रबर आदि शामिल हैं। हालांकि, अगली सुबह शीतला मां को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मां से प्रार्थना करती हैं। शिट पूजा के बाद घर के सभी सदस्य बासी भोजन का सेवन करते हैं। शीतला सप्तमी को &#8216;बसोड़ा उत्सव&#8217; के रूप में मनाया जाता है। हालांकि यह भी कहा जाता है कि इसके बाद घर में बासी खाना खाना उचित नहीं है।</p>
<p>इन बीमारियों का इलाज&#8230;<br />
इस पूजा को करने से माता शीतला को प्रसन्नता होती है और उनके आशीर्वाद से जलन, पीलिया, बुखार, दुर्गंधयुक्त फोड़े, चेचक, सर्दी के कारण होने वाले दोष और नेत्र संबंधी सभी रोग दूर हो जाते हैं।</p>
<p>व्रत के दौरान इन बातों का रखें ध्यान&#8230;<br />
&#8211; शीतला सप्तमी और अष्टमी को दिन भर गर्म भोजन नहीं करना चाहिए।<br />
&#8211; इसके साथ ही इस दिन घर में चूल्हा नहीं जलाया जाता है.<br />
&#8211; सभी सामग्री एक दिन पहले ही तैयार कर ली जाती है. इसमें रात भर शीरा, भाजी, रबड़ी जैसे खाद्य पदार्थ बनाने चाहिए।<br />
&#8211; ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन गर्म पानी से स्नान नहीं करना चाहिए।</p>
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		<title>प्रेम संबंध और दांपत्य जीवन में सुख पाने के लिए शुक्रवार के दिन करें ये उपाय, दूर होगा शुक्र दोष</title>
		<link>https://blesstvlive.com/to-get-happiness-in-love-relationship-and-married-life-do-these-measures-on-friday/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 24 Jun 2022 06:59:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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					<description><![CDATA[हर कोई अपने जीवन में प्यार चाहता है। दोस्तों, माता-पिता, भाई-बहन और रिश्तेदारों के बिना, मालकिन या प्रेमी से प्यार की बहुत उम्मीद होती है। रिश्ते में अक्सर छोटे-मोटे विवाद होते रहते हैं। लेकिन इस समय यह पता नहीं चल पाया है कि वह पद छोड़ने के बाद क्या करेंगे। इससे रिश्ते में दूरियां पैदा...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>हर कोई अपने जीवन में प्यार चाहता है। दोस्तों, माता-पिता, भाई-बहन और रिश्तेदारों के बिना, मालकिन या प्रेमी से प्यार की बहुत उम्मीद होती है। रिश्ते में अक्सर छोटे-मोटे विवाद होते रहते हैं। लेकिन इस समय यह पता नहीं चल पाया है कि वह पद छोड़ने के बाद क्या करेंगे। इससे रिश्ते में दूरियां पैदा होती हैं। कोई भी अपने साथी से अलग नहीं होना चाहता। लेकिन कई बार पार्टनर समझ नहीं पाता। अगर आपके जीवन में भी यह समस्या है तो चिंता न करें। इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जो प्रेम संबंध और वैवाहिक जीवन को मधुर बना सकते हैं। आइए अब पता करते हैं।</p>
<p>ज्योतिष में शुक्र का विशेष महत्व है। किसी के जीवन में कितना प्यार और खुशी मिलती है यह शुक्र की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए शुक्र को मजबूत करने की जरूरत है। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय किए गए हैं। यदि यह उपाय शुक्रवार के दिन किया जाए तो सकारात्मक परिणाम प्राप्त होते हैं।</p>
<p>ऐसा नहाते समय करें।<br />
शुक्र देव को सफेद रंग बहुत पसंद है। इसलिए जिस पानी में आप सुबह स्नान करना चाहते हैं उसमें सफेद फूल डाल दें। इससे व्यक्ति की कुंडली में शुक्र मजबूत होता है और शुक्र से संबंधित दोष दूर होते हैं। यह उपाय प्रेम संबंध और वैवाहिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करता है।</p>
<p>इन वस्तुओं को खरीदें।<br />
शुक्र भगवान को इत्र बहुत पसंद है। में रुचि रखता है अगर आपकी शादी काफी उतार-चढ़ाव से गुजर रही है तो शुक्रवार के दिन एक अच्छा परफ्यूम खरीदें। यह परफ्यूम पति-पत्नी दोनों को लगाना चाहिए। यह समाधान आपको अपने मतभेदों को दूर करने में मदद करेगा।</p>
<p>शुक्र मंत्र का जाप<br />
शुक्र दोष को दूर करने के लिए शुक्रवार के दिन शुक्र बीज मंत्र का 108 बार जाप करना चाहिए। शुक्र सुंदरता का प्रतीक है। इसलिए शुक्र का जाप आपके स्वभाव के साथ-साथ आपकी शारीरिक सुंदरता को भी मधुर बनाएगा।</p>
<p>इन वस्तुओं का दान करें<br />
विवाह को सुखी बनाने के लिए किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति को शुक्रवार के दिन चांदी, चावल, मिठाई, सफेद वस्त्र, दही, सफेद चंदन का दान करना चाहिए। यह दान तब करें जब आपका जीवनसाथी से विवाद हो।</p>
<p>बेडरूम में करें ये बदलाव<br />
पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता पैदा करने में बेडरूम की सजावट अहम भूमिका निभाती है। अगर पति-पत्नी लंबे समय से बहस कर रहे हैं और इस स्थिति को बदलना चाहते हैं, तो बेडरूम में लव बर्ड की फोटो लगानी चाहिए।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>इन राशियों पर रहेगी वक्र दृष्टि, शनि जयंती पर करें ये काम</title>
		<link>https://blesstvlive.com/curve-sight-will-be-on-these-zodiac-signs-do-this-work-on-shani-jayanti/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 19 May 2022 06:56:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[शनि ने पिछले अप्रैल में राशि बदल दी थी। तब से शनि अपनी ही राशि कुम्भ में प्रवेश कर चुका है। आप जानते ही होंगे कि शनि के प्रवेश से शनि की मिथुन और तुला राशि में आपकी ढाई वर्ष की अवधि समाप्त हो गई है। हालांकि शनि ने कुंभ राशि में प्रवेश कर लिया...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>शनि ने पिछले अप्रैल में राशि बदल दी थी। तब से शनि अपनी ही राशि कुम्भ में प्रवेश कर चुका है। आप जानते ही होंगे कि शनि के प्रवेश से शनि की मिथुन और तुला राशि में आपकी ढाई वर्ष की अवधि समाप्त हो गई है।</p>
<p>हालांकि शनि ने कुंभ राशि में प्रवेश कर लिया है, लेकिन जुलाई में शनि के अधिक आक्रामक होने की संभावना है। इसलिए मिथुन और तुला राशि की शक्ति को कम मत समझो। इन दोनों राशियों पर फिर से असर पड़ेगा। शनि के राडार में दोनों राशि के लोग होंगे। शनि के उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।</p>
<p>मिथुन और तुला राशि के लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल मिलेगा। इस बीच शनि दो चरणों में राशि परिवर्तन कर रहा है। मिथुन और तुला राशि के लोगों को इस दौरान व्यापार में निवेश नहीं करना चाहिए। साथ ही कोई भी आर्थिक लेन-देन सोच-समझकर ही करना चाहिए। यह करियर और नौकरी में उन्नति के लिए भी एक बड़ी बाधा हो सकती है।</p>
<p>इस राशि के जातकों को शनि जयंती पर कुछ उपाय करने से लाभ मिल सकता है। यह शनि की वक्र दृष्टि से भी छुटकारा दिला सकता है।</p>
<p>शनि जयंती पर करें &#8216;अरे&#8217; उपाय<br />
&#8211; शनि जयंती के दिन शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाया गया।<br />
&#8211; जरूरतमंदों को दान देने से शनि का नकारात्मक प्रभाव कम होगा।<br />
&#8211; शनि जयंती पर अन्नदान करने से भी शनिदोष का नाश होता है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>घर पर रोज करें ये 5 काम&#8230;</title>
		<link>https://blesstvlive.com/do-these-5-things-everyday-at-home/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Apr 2022 05:48:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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					<description><![CDATA[ज्योतिष शास्त्र में धन की देवी महालक्ष्मी को प्रसन्न करने और घर में सकारात्मकता लाने के कई कारगर उपाय बताए गए हैं। यदि इन उपायों को नियमित रूप से किया जाए तो घर में सुख-समृद्धि आने में देर नहीं लगेगी। आपकी किस्मत चमकती है। ऐसा करने से आपका बहुत सारा पैसा बच सकता है। जानिए...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>ज्योतिष शास्त्र में धन की देवी महालक्ष्मी को प्रसन्न करने और घर में सकारात्मकता लाने के कई कारगर उपाय बताए गए हैं। यदि इन उपायों को नियमित रूप से किया जाए तो घर में सुख-समृद्धि आने में देर नहीं लगेगी। आपकी किस्मत चमकती है। ऐसा करने से आपका बहुत सारा पैसा बच सकता है।</p>
<p>जानिए क्या हैं ये उपाय<br />
&#8211; घर में रोजाना कपूर जलाएं। कपूर घर में नकारात्मक ऊर्जा को नष्ट कर सकारात्मकता लाता है।</p>
<p>&#8211; शाम की पूजा में सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए. लौंग डालें। इस उपाय से घर में सुख-समृद्धि आती है।</p>
<p>&#8211; प्रतिदिन पार्टियों को चंदा और जल चढ़ाने से करियर और तरक्की में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं. जीवन में सुख-समृद्धि आती है।</p>
<p>&#8211; चपाती बनाते समय सबसे पहले तवे पर दूध छिड़कें. पहली रोटी गाय को खिलानी चाहिए। इस उपाय से लक्ष्मी प्रसन्न हुई। घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।</p>
<p>ये उपाय बेहद कारगर हैं।<br />
गुरुवार के दिन तुलसी के पौधे पर दूध चढ़ाना चाहिए। ऐसा करने से तेजी से आर्थिक समृद्धि आती है। शनिवार के दिन पीप के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। शनि और मंगल शुभ ग्रह हैं। शुक्रवार का दिन महालक्ष्मी की पूजा के लिए बहुत ही लाभकारी होता है। शुक्रवार की रात को लक्ष्मी की आत्माओं की पूजा करनी चाहिए। दूध से बनी मिठाई का प्रसाद दिखाएं। इससे लक्ष्मी प्रसन्न होती है और धन की वर्षा होती है। जरूरत पड़ने पर अपनी वृद्धिशील आय का एक हिस्सा दान करें। इससे घर में कभी भी आर्थिक परेशानी नहीं होती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आज है संकष्टी चतुर्थी, जानिए शुभ और अशुभ मुहूर्त</title>
		<link>https://blesstvlive.com/today-is-sankashti-chaturthi-know-the-auspicious-and-inauspicious-time/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 19 Apr 2022 07:11:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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					<description><![CDATA[आज 19 अप्रैल है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज मंगलवार है। मंगलवार का दिन श्री राम भक्त हनुमान को समर्पित माना जाता है। इस दिन पवनपुत्र हनुमान की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। आज अंगारिक संकष्टी चतुर्थी के आगमन के साथ एक विशेष योग का निर्माण हुआ है। संकष्टी...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज 19 अप्रैल है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार आज मंगलवार है। मंगलवार का दिन श्री राम भक्त हनुमान को समर्पित माना जाता है। इस दिन पवनपुत्र हनुमान की पूजा करने से जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। आज अंगारिक संकष्टी चतुर्थी के आगमन के साथ एक विशेष योग का निर्माण हुआ है। संकष्टी चतुर्थी का व्रत और पूजा करने से विघ्नहर्ता गणपति अपने भक्तों के जीवन की सभी बाधाओं को दूर करते हैं।</p>
<p>19 अप्रैल 2022 आज का पंचांग<br />
तिथि &#8211; 3 &#8211; 4 बजे से 38 मिनट तक।</p>
<p>चतुर्थ<br />
आज का सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रोदय का समय-<br />
-सूर्योदय- सुबह 05:53 बजे।<br />
-सूर्योदय- शाम के 06 बजकर 50 मिनट।<br />
-चंद्रोदय- रात 09:51 बजे।<br />
&#8211; चंद्रस्त- सुबह 07:36 बजे।</p>
<p>नक्षत्र &#8211; अनुराधा &#8211; दोपहर 1:30 बजे से 39 मिनट (20 अप्रैल)<br />
आज की कार्रवाई<br />
व्यापारी &#8211; सुबह 06:00 से 01:00 बजे तक।<br />
बलव &#8211; बाव &#8211; 03 मिनट से 15 मिनट तक। (20 अप्रैल)</p>
<p>आज का योग<br />
रुक-रुक कर &#8211; 05:02 बजे से 02 मिनट तक।</p>
<p>आज का युद्ध: मंगलवार</p>
<p>आज की पार्टी: कृष्णा पार्टी</p>
<p>हिंदू चंद्र तिथि</p>
<p>निःसंदेह:<br />
1944 गुड लक</p>
<p>विक्रम संवत:<br />
2079 राक्षस</p>
<p>गुजराती संवत:<br />
2078 त्रुटि</p>
<p>चंद्र मास:<br />
वैशाख &#8211; पूर्णिमा<br />
चैत्र &#8211; अमंत</p>
<p>आज का शुभ क्षण<br />
&#8211; अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:55 बजे से दोपहर 12:47 बजे तक।<br />
&#8211; विजय मोमेंट दोपहर 2:31 बजे से दोपहर 3:23 बजे तक।</p>
<p>आज का अशुभ क्षण<br />
-दुरमुहूर्त सुबह 08:28 बजे से 09:20 बजे तक और रात 11:15 बजे से 11:59 बजे तक।<br />
&#8211; तब्बू मुहूर्त सुबह 07:19 से सुबह 08:47 बजे तक।<br />
&#8211; रहने का समय दोपहर 03:35 से शाम 05:13 बजे तक।<br />
-गुलिक समय दोपहर 12:21 बजे से दोपहर 01:58 बजे तक।<br />
&#8211; यमगंद सुबह 09:07 बजे से सुबह 10:44 बजे तक।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>आज का पंचांग एक क्लिक से जानिए शुभ और अशुभ क्षण</title>
		<link>https://blesstvlive.com/know-the-auspicious-and-inauspicious-moments-of-todays-panchang-with-a-single-click/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 08 Apr 2022 06:10:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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		<category><![CDATA[Panchang 8 april 2022]]></category>
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					<description><![CDATA[आज 8 अप्रैल है। हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। आज का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार के दिन वह पूरे मन से लक्ष्मी की पूजा करने से प्रसन्न होती थीं। भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आइए जानें पंचांग के अनुसार आज के शुभ और अशुभ...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>आज 8 अप्रैल है। हिन्दू पंचांग के अनुसार आज शुक्रवार है। आज का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्रवार के दिन वह पूरे मन से लक्ष्मी की पूजा करने से प्रसन्न होती थीं। भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। आइए जानें पंचांग के अनुसार आज के शुभ और अशुभ क्षण। साथ ही कुंडली में ग्रहों की स्थिति कैसी है</p>
<p>अप्रैल 8, 2021 &#8211; आज का पंचांग<br />
आज सूर्योदय-सूर्यास्त और चंद्रोदय-चंद्रोदय का समय है</p>
<p>सूर्योदय का समय: सुबह 06:04।<br />
सूर्यास्त का समय: शाम 06:43 बजे।<br />
चंद्रोदय का समय: रात 10:43 बजे।<br />
चंद्रोदय का समय: मध्यरात्रि के 01 बजकर 20 मिनट।</p>
<p>तारामंडल<br />
आर्द्रता &#8211; दोपहर 1:43 बजे।</p>
<p>आज का कारण<br />
गर &#8211; 09 मिनट 49 मिनट।<br />
कमर्शियल &#8211; रात 11:05 बजे।</p>
<p>आज का योग<br />
साज-सज्जा &#8211; सुबह 10:31 बजे।</p>
<p>आज का युद्ध: शुक्रवार</p>
<p>आज की पार्टी : शुक्ल पक्ष</p>
<p>हिंदू चंद्र तिथि<br />
1944 गुड लक</p>
<p>विक्रम संवत:<br />
2079 राक्षस</p>
<p>गुजराती संवत:<br />
2078 त्रुटि</p>
<p>चंद्र मास:<br />
चैत्र &#8211; पूर्णिमा<br />
चैत्र &#8211; अमंत</p>
<p>आज का शुभ क्षण<br />
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक।<br />
अमृत ​​काल : दोपहर 2:28 बजे से शाम 4:16 बजे तक।</p>
<p>आज का शुभ क्षण<br />
सुबह: सुबह 08:36 से सुबह 9:27 बजे तक। दोपहर 12:49 बजे से दोपहर 1:40 बजे तक।<br />
निषिद्ध क्षण: सुबह 08:09 से सुबह 9:57 बजे तक।<br />
ठहरने का समय: सुबह 10:49 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक।<br />
सहज समय: सुबह 07:39 बजे से 09:14 बजे तक।<br />
यमगंद : दोपहर 03:34 बजे से शाम 05:09 बजे तक.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>यह है वसंत पंचमी का सरल उपाय; आर्थिक समृद्धि के साथ-साथ बुद्धि बढ़ेगी!</title>
		<link>https://blesstvlive.com/this-is-the-simple-remedy-for-vasant-panchami-along-with-economic-prosperity-intelligence-will-increase/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 05 Feb 2022 02:30:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
		<category><![CDATA[Lifestyle]]></category>
		<category><![CDATA[Religion]]></category>
		<category><![CDATA[astro-tips]]></category>
		<category><![CDATA[Astrology]]></category>
		<category><![CDATA[magh month]]></category>
		<category><![CDATA[mata saraswati]]></category>
		<category><![CDATA[saraswati Puja 2022]]></category>
		<category><![CDATA[Vasant Panchami 2022]]></category>
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					<description><![CDATA[बसंत पंचमी मां सरस्वती की जयंती है। यह पर्व पूरे देश में शनिवार 5 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन ज्ञान, बुद्धि और विवेक की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी सरस्वती माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी को प्रकट हुईं। सरस्वती ने पूरे...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>बसंत पंचमी मां सरस्वती की जयंती है। यह पर्व पूरे देश में शनिवार 5 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन ज्ञान, बुद्धि और विवेक की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी सरस्वती माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी को प्रकट हुईं। सरस्वती ने पूरे ब्रह्मांड को ध्वनि का उपहार दिया था। इसलिए इस दिन वसंत पंचमी मनाई जाती है। इस दिन यदि आप सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा करते हैं और कुछ विशेष उपाय करते हैं, तो आपको ज्ञान की प्राप्ति होती है और साथ ही साथ आपके पास आर्थिक समृद्धि भी होती है। तो आइए जानें क्या है सरस्वती का विशेष उपाय</p>
<p>इन वस्तुओं की पेशकश करें<br />
केसर की खीर मां सरस्वती को अर्पित करनी चाहिए। सरस्वती को बूंदी भी प्यारी है। इसलिए इस दिन पूजा के बाद सभी को बूंदी का प्रसाद देना चाहिए। बंगाली इस दिन देवी सरस्वती को बोरे चढ़ाते हैं। इसके बाद वे खुद बोरियां खाते हैं। दूसरों को प्रसाद के रूप में दें।</p>
<p>गुरु का सम्मान करो..<br />
वसंत पंचमी के अवसर पर अपने गुरु की पूजा करने की परंपरा है। हर साल इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। हमारे गुरुओं को भी सरस्वती पूजा का आशीर्वाद प्राप्त है। गुरु को उपहार दें।</p>
<p>गुलाल का क्या महत्व है?<br />
वसंत पंचमी के दिन घर के बच्चों को मां सरस्वती की पूजा करनी चाहिए। पूजा करते समय देवी सरस्वती के चरणों में गुलाल फहराना चाहिए। गुलाल में देवी सरस्वती के पदकों की पूजा का महत्व है। हमारे देश के कुछ राज्यों में वसंत पंचमी से होली मनाई जाती है।</p>
<p>बच्चों को किताबें दें।<br />
वसंत पंचमी के दिन जरूरतमंद और गरीब छात्रों को कलम, नोटबुक, किताबें देनी चाहिए। शैक्षिक सामग्री के उपहार के रूप में देवी सरस्वती आप पर हमेशा प्रसन्न रहेंगी। मन में हमेशा सकारात्मक विचार आते हैं।</p>
<p>विद्यार्थी करे ये उपाय<br />
विद्यार्थी सुबह जल्दी उठकर सरस्वती वंदना करें।</p>
<p>या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।<br />
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥<br />
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।<br />
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥<br />
शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं।<br />
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्‌॥<br />
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्‌।<br />
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्‌॥</p>
<p>भगवान कृष्ण और राधे की पूजा करें</p>
<p>इस दिन भगवान कृष्ण और देवी राधा की भी पूजा की जाती है। कहा जाता है कि वसंत पंचमी से देवताओं ने होली के त्योहार की शुरुआत की है। कामदेव और रति भगवान कृष्ण और राधे की पूजा करके प्रसन्न हुए। पारिवारिक जीवन में प्रेम और मधुरता बनी रहती है। यदि पति-पत्नी के बीच विवाद हो तो ऐसे जोड़े को रति और कामदेव की पूजा करनी चाहिए। युगल जीवन का आनंद लेता है।</p>
<p>संगीत के साथ अपनी पसंद की कला का अध्ययन करें</p>
<p>संगीत और कला में रुचि रखने वालों को वसंत पंचमी के दिन अपनी कला का अध्ययन करना चाहिए। मां सरस्वती की कृपा प्राप्त होती है। इसके साथ ही सरस्वती मंत्र और स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।</p>
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