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	<title>मंदिरों में झाड़ू चढ़ाने के फायदे &#8211; Bless TV</title>
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		<title>इस मंदिर में झाड़ू चढ़ाने से पूरी होती है भक्तों की मनोकामना, अनोखे मंदिर की कथा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Rohit Sharma]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 11 Nov 2023 08:04:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Hindu]]></category>
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					<description><![CDATA[नई दिल्ली, 11 नवंबर: गुजरात राज्य के राजकोट शहर में लक्ष्मी का एक अनोखा मंदिर है। इस मंदिर में झाड़ू चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में रिद्धि सिद्धि का वास होता है। इस मंदिर की मूर्ति का धार्मिक महत्व है। कहा जाता है कि ॐ राहिं श्री लक्ष्मीभ्यो नम: मंत्र...]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<p>नई दिल्ली, 11 नवंबर: गुजरात राज्य के राजकोट शहर में लक्ष्मी का एक अनोखा मंदिर है। इस मंदिर में झाड़ू चढ़ाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में रिद्धि सिद्धि का वास होता है। इस मंदिर की मूर्ति का धार्मिक महत्व है। कहा जाता है कि ॐ राहिं श्री लक्ष्मीभ्यो नम: मंत्र से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। दिवाली के त्योहार पर हर कोई मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने की कोशिश करता है। इस दिन लक्ष्मी की विशेष पूजा भी की जाती है। राजकोट में एक ऐसा मंदिर है जहां झाड़ू लगाने से ही लक्ष्मी माता प्रसन्न हो जाती हैं। महाराष्ट्र में लक्ष्मी पूजा के दौरान केरसुनी को लक्ष्मी के रूप में पूजने की प्रथा है।</p>
<p>श्रद्धालुओं ने कहा कि यहां उनकी कई मनोकामनाएं पूरी हुईं। एक ने बताया कि जब वह राजकोट आये तो किराये के मकान में रहते थे. लेकिन मां लक्ष्मी की कृपा से उन्होंने अपना खुद का घर बना लिया है. मान्यता है कि भक्त यहां दो झाड़ू लेकर आते हैं। दोनों झाड़ू मां लक्ष्मी अपने पास रखती हैं और उनमें से एक झाड़ू घर ले जाती हैं। इस झाड़ू की मदद से लोग अपने घर के मंदिर की सफाई करते हैं, इसलिए कहा जाता है कि इससे लोगों के घरों में सुख-शांति बनी रहती है।</p>
<p>राजकोट शहर में देवी लक्ष्मी का एकमात्र मंदिर है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के अनुसार झाड़ू न सिर्फ घर की गंदगी दूर करती है बल्कि लोगों की दरिद्रता भी दूर करती है। लोग ये भी कहते हैं कि घर को गंदा नहीं रखना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि जिस घर में गंदगी और अस्वच्छता होती है उस घर में लक्ष्मी माता नहीं आती हैं। इसीलिए लोग इस झाड़ू से अपने घर की सफाई करते हैं।</p>
<p>राजकोट शहर के महालक्ष्मी मंदिर में स्थित मूर्ति का धार्मिक महत्व है। यहां देवी की खड़ी हुई मूर्ति है। साथ ही यह मूर्ति उत्तर दिशा की ओर मुख किये हुए है। कहा जाता है कि समुद्र मंथन के समय महालक्ष्मीजी प्रसन्न हुई थीं। देवी उसी अवस्था में हैं जैसी समुद्र मंथन के समय थीं। कहा जाता है कि यह मूर्ति अत्यंत चमकीली है। मंदिर में कदम रखते ही सुख और शांति का अनुभव होता है। इस मंदिर में एक बार आने के बाद भक्त यहां से जाना नहीं चाहते। इस मंदिर में श्रद्धालु काफी देर तक बैठे रहते हैं। कुछ श्रद्धालु भक्तों का यह भी दावा है कि मंदिर के पास से गुजरने से ऐसा आकर्षण पैदा होता है कि लोग देवी की एक झलक पाने के लिए उमड़ पड़ते हैं। एक शख्स ने बताया कि इस मंदिर से उनका जन्म से ही नाता है. इस मंदिर में अब तक कई भक्त ठीक हो चुके हैं।</p>
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